कड़ाके की ठंड ने तोड़ा 8 साल का रिकॉर्ड, अभी नहीं मिलेगी राहत, बारिश का अलर्ट जारी

punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 11:54 AM (IST)

चंडीगढ़: पिछले तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड अब चरम पर पहुंच गई है। सोमवार रात शहर घने कोहरे की चपेट में रहा और लोगों ने पिछले सालों की सबसे ठंडी रात का सामना किया। घने कोहरे और भीषण ठंड के बीच सोमवार रात शहर का न्यूनतम तापमान गिरकर 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो वर्ष 2017 के बाद सबसे कम है। लगातार दूसरे दिन चंडीगढ़ की रात शिमला से भी ज्यादा ठंडी रही। पूरे उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड से अगले दो दिनों तक राहत मिलने की संभावना नहीं है। कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और बढ़ता प्रदूषण—तीनों के कारण शहर को तिहरी मार झेलनी पड़ रही है। बद्दी की खराब वायु गुणवत्ता का असर ट्राइसिटी में भी देखने को मिला है, जिससे प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि 15 जनवरी के बाद बादल छाने से घने कोहरे से कुछ राहत मिल सकती है।

साढ़े 9 घंटे तक 5 डिग्री से नीचे रहा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार रात एक बजे से लेकर सुबह साढ़े आठ बजे तक शहर के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता मात्र 20 मीटर तक सिमट गई। इस दौरान तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। सोमवार रात करीब 10 बजे तापमान गिरकर 5 डिग्री दर्ज किया गया, जिसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती रही और यह 2017 के बाद की सबसे ठंडी रात साबित हुई। सुबह साढ़े सात बजे तक तापमान 5 डिग्री से नीचे ही रहा। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान बढ़ा और अधिकतम 15 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा, लेकिन दिनभर शीतलहर के कारण ठंड से राहत नहीं मिली।

15 से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, 18–19 जनवरी को बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। बुलेटिन के मुताबिक 15 जनवरी के बाद इसके सक्रिय होने से बादल छाए रहेंगे। 18 और 19 जनवरी को इसके मैदानी इलाकों में असर दिखने से बारिश होने की संभावना है।

ठंड के चलते स्कूलों की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ाईं
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने 17 जनवरी तक स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होंगे।


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Vatika

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