नींद का असर: क्या बेहतर नींद आईवीएफ की सफलता में मदद कर सकती है?

punjabkesari.in Sunday, Apr 19, 2026 - 12:27 AM (IST)

(वेब डेस्क): आईवीएफ में केवल दवाइयां ही परिणाम तय नहीं करतीं। यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि शरीर उन दवाइयों पर कैसी प्रतिक्रिया देता है। यही वह जगह है जहां नींद की भूमिका सामने आती है। डॉ. राखी गोयल, फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, चंडीगढ़ का कहना है कि नींद शरीर के हार्मोन संतुलन, तनाव और रिकवरी को प्रभावित करती है। ये सभी कारक यह तय करते हैं कि आईवीएफ के दौरान शरीर कितनी स्थिरता से प्रतिक्रिया देगा।

नींद और हार्मोनल संतुलन:
आईवीएफ एक ऐसा उपचार है जो हार्मोनल नियंत्रण पर आधारित होता है। इसमें दवाइयों के जरिए शरीर को उपचार के लिए तैयार किया जाता है।

नींद की कमी इस संतुलन को प्रभावित कर सकती है। कम नींद लेने से कॉर्टिसोल, यानी तनाव हार्मोन, बढ़ सकता है, जिसका असर अन्य हार्मोन पर भी पड़ता है।

महिलाओं में यह अंडों के विकास और हार्मोनल स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन स्तर और शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर असर देखा जा सकता है।

आईवीएफ साइकल के दौरान प्रभाव:
आईवीएफ में हर चरण शरीर की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। स्टिमुलेशन के दौरान अंडों का विकास और हार्मोन स्तर कई बार छोटे बदलावों से प्रभावित होते हैं।

अगर नींद पूरी नहीं हो रही है, तो यह संतुलन प्रभावित हो सकता है।

यह कहना सही नहीं होगा कि नींद खराब होने से आईवीएफ असफल हो जाएगा। लेकिन यह जरूर है कि शरीर की प्रतिक्रिया पर असर पड़ सकता है, जो उपचार के दौरान महत्वपूर्ण होता है।

रिसर्च क्या संकेत देती है:
नींद और फर्टिलिटी के बीच संबंध पर अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन उपलब्ध प्रमाण यह बताते हैं कि नींद की गुणवत्ता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कम नींद लेने वाली महिलाओं में गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है। हालांकि यह सीधे आईवीएफ के परिणामों से कितना जुड़ा है, इस पर अभी स्पष्ट निष्कर्ष नहीं हैं।

नींद को कैसे बेहतर रखें:
आईवीएफ के दौरान कुछ सरल आदतें मदद कर सकती हैं:
●    रोज एक ही समय पर सोना और उठना
●    सोने से पहले स्क्रीन का उपयोग कम करना
●    शाम के बाद कैफीन से बचना
●    शांत और आरामदायक वातावरण में सोना
●    रोज 7 से 9 घंटे की नींद लेना

तनाव, नींद और आईवीएफ:
आईवीएफ भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। चिंता नींद को प्रभावित कर सकती है, और नींद की कमी तनाव को बढ़ा सकती है।
 
इसलिए नींद को केवल आराम नहीं, बल्कि उपचार के दौरान संतुलन बनाए रखने के हिस्से के रूप में देखना चाहिए। आईवीएफ में सफलता केवल उपचार पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस पर भी कि शरीर उस उपचार को कितनी स्थिरता से संभालता है। अच्छी नींद इस स्थिरता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


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News Editor

Dishant Kumar

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