भारत में फोनपे का विस्तार: मेट्रो शहरों में और उससे आगे तक
punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 12:22 AM (IST)
(वेब डेस्क): फोनपे के 61 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूज़र्स मेट्रो शहरों से लेकर दूरदराज के गाँवों तक फैले हैं। अब जब कंपनी बाजार में उतरने की तैयारी में है, तो पूरे भारत में इसकी मौजूदगी इसकी सबसे बड़ी शक्ति और बिक्री का मुख्य प्रस्ताव बनकर उभरी है।
जहाँ ज्यादातर ऐप शहरों पर केंद्रित हैं, वहीं फोनपे ने भारत के सबसे विशाल डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम का विकास किया है, जो टियर 2 शहरों और उनसे आगे तक फैला हुआ है। इन दूरदराज के स्थानों पर डिजिटल एडॉप्शन कभी बहुत दूर का सपना हुआ करता था। पूरे देश में शहरों के व्यस्त केंद्रों से लेकर छोटे शहरों के किराना स्टोरों तक हर जगह इसकी मौजूदगी ने फोनपे के विकास की नींव तैयार की है।
आँकड़े इस कहानी को खुद बयाँ करते हैं। एनपीसीआई की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक आज भारत में 4.4 करोड़ व्यापारी स्थलों पर भुगतान फोनपे के माध्यम से हो रहा है। अकेले दिसंबर में इसके ज़रिये 9.8 बिलियन लेन-देन किए गए। देश के यूपीआई बाजार में फोनपे की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत है। कंपनी की खासियत केवल यह वॉल्यूम नहीं है, बल्कि ये लेन-देन कहाँ हो रही हैं, यह भी बहुत मायने रखता है।
भारत पर केंद्रित दृष्टिकोण:
नॉन-मेट्रो भारत में फोनपे का विस्तार केवल सामान्य व्यापारिक गतिविधि के अंतर्गत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति के अंतर्गत किया गया। यह रणनीति एक सरल जानकारी पर आधारित थी कि डिजिटल पेमेंट का भारत में वास्तविक विस्तार तभी हो सकता है, जब वो हर जगह और हर किसी को उपलब्ध हो।
पिछले कुछ सालों में फोनपे ने डिजिटल पेमेंट्स और फाईनेंशल सर्विसेज़ का दायरा मेट्रो शहरों से बाहर ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई है। शहरों में सैलरी पर निर्भर प्रोफेशनल्स से लेकर छोटी जगहों के किराना मालिकों और पहली बार डिजिटल पेमेंट का उपयोग करने वाले यूज़र्स तक फोनपे ने एक स्थिर प्रोडक्ट फिलॉसफी के साथ काम किया और एक सरल, भरोसेमंद इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया, जो हर जगह और हर किसी को उपलब्ध हो।
फोनपे ने भारत पर केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उत्पाद के लिए ठोस निर्णय लिये। ऐप ने कई भारतीय भाषाओं में सपोर्ट शुरू की। 11 क्षेत्रीय भाषाओं में वॉईस पेमेंट एलर्ट उपलब्ध कराए, ताकि डिजिटल लेन-देन यूज़र्स अपनी स्थानीय भाषा में कर सकें। ट्रांसलेशन के अलावा कई और लोकलाईज़ेशन भी किए गए। इंटरफेस को डिजिटल लिटरेसी के विभिन्न स्तरों के अनुरूप डिज़ाईन किया गया। स्क्रीन को सरल बनाया गया। आसान भाषा सुनिश्चित की गई और इन्ट्यूटिव नैविगेशन दिया गया ताकि यूज़र्स अपने पहले लेन-देन से ही आत्मविश्वास महसूस कर सकें।
मर्चैंट नेटवर्कः असली ताकत
फोनपे की असली शक्ति उसका मर्चैंट नेटवर्क है। यह नेटवर्क संगठित रिटेल से लेकर असंगठित अर्थव्यवस्था तक फैला हुआ है, जिसका हिस्सा कमर्शियल बाजार में सबसे अधिक है। फोनपे ने इस मर्चैंट नेटवर्क के लिए क्यूआर पेमेंट से लेकर स्थानीय भाषा में तुरंत कन्फर्मेशन तक अनेक सुविधाएं सुनिश्चित कीं, जिससे ऐसे अनेकों छोटे मर्चैंट डिजिटल पेमेंट अपना सके, जो पहले पूरी तरह से नकद में लेन-देन करते थे।
फोनपे बिज़नेस ऐप के लॉन्च से मर्चैंट्स को अपने लेन-देन के बारे में ज्यादा स्पष्टता और नियंत्रण प्राप्त हुआ। मर्चैंट एडॉप्शन बढ़ाने के लिए फोनपे ने स्मार्ट-स्पीकर और स्मार्ट पीओडी जैसी मेड-इन-इंडिया डिवाईस पेश कीं, जो पेमेंट का कन्फर्मेशन तुरंत प्रदान करती हैं, जिससे डिजिटल पेमेंट पर भरोसा बढ़ता है। इन समाधानों ने मिलकर भारत के सबसे बड़े और सबसे विस्तृत मर्चैंट नेटवर्क्स में से एक का निर्माण किया, जिससे संगठित और असंगठित कॉमर्स को एक डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म पर लाने में मदद मिली।
फोनपे एक बी2बी सॉल्यूशंस प्रदाता के रूप में भी लगातार विस्तार कर रहा है। कंपनी ने सेल्स रिकॉर्ड, डिजिटल रसीद, और ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री जैसे अनेक फीचर पेश किए, जो मर्चैंट्स को अपना व्यवसाय ज्यादा प्रभावशाली तरीके से संभालने में मदद करते हैं। इसके अलावा इन्वेंटरी विज़िबिलिटी, ऑर्डर मैनेजमेंट और सोर्सिंग सपोर्ट जैसी अतिरिक्त क्षमताएं ऑफलाईन रिटेलर्स को अपने ऑपरेशन डिजिटाईज़ करने में मदद कर रही हैं, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ रही है।
फोनपे ने स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) के साथ साझेदारी में उद्यम असिस्ट का लॉन्च किया, जिससे भारत में शहरों और गाँवों के डिजिटल-फर्स्ट एमएसएमई और छोटे व्यवसायों को औपचारिक क्रेडिट मिलना आसान हो गया। इससे मर्चैंट्स के परिवेश में कंपनी की स्थिति मजबूत हुई।
फाईनेंशल सर्विसेज़ सभी को उपलब्ध हो सकीं:
फोनपे ने फाईनेंशल सर्विसेज़ के क्षेत्र में विस्तार किया। म्यूचल फंड, डिजिटल गोल्ड, स्टॉक ब्रोकिंग और बीमा शहरों और गाँवों में सभी को उपलब्ध कराया। सरल इंटरफेस और स्थानीय भाषा की सपोर्ट ने पेमेंट्स एडॉप्शन संभव बनाया। अब यह और अधिक जटिल फाईनेंशल उत्पादों की उपलब्धता बढ़ा रहा है, ताकि वैल्थ क्रिएशन और रिस्क मैनेजमेंट टूल पूरे भारत में हर जगह और हर किसी को उपलब्ध हो सकें, जो पहले केवल बड़े शहरों तक ही सीमित थे।
भारत के लिए निर्मित:
फोनपे भारत के डिजिटल परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी न केवल शहरों के लिए एक पेमेंट ऐप है, बल्कि एक कनेक्टिव इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराती है, जो भारत के विस्तृत आर्थिक परिदृश्य में मेट्रो शहरों से लेकर मंडियों तक, टेक्नोलॉजी जानने वाले मिलेनियल्स से लेकर पहली बार स्मार्टफोन चलाने वाले यूज़र्स तक सभी को डिजिटल समावेशिता प्रदान करता है।
कंपनी की विशाल भौगोलिक विविधता प्राकृतिक सुदृढ़ता प्रदान करती है। जहाँ शहरी बाजार प्रतिस्पर्धात्मक दबाव और ग्राहकों की बदलती पसंद पर निर्भर होते हैं, वहीं टियर 2, टियर 3 और टियर 4 बाजारों में फोनपे का विस्तार यूज़र्स को मर्चैंट्स के साथ मजबूत संबंधों का विकास कर रहा है।
फोनपे ने न केवल एक पेमेंट्स ऐप का निर्माण किया है, बल्कि इसने एक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी स्थापित किया है, जो देश के कोने-कोने में लाखों भारतीयों को पहली बार औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है।
