LPG Cylinder Delivery Rules: शहर या गांव...कहां पहले पहुंचेगा LPG सिलेंडर? जान लें गैस डिलीवरी का ये सरकारी नियम

punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 12:38 PM (IST)

नेशनल डेस्क: रसोई गैस की डिलीवरी को लेकर इन दिनों में लोगों के मन में बड़ा सवाल उठ रहा है। बढ़ती मांग और नए नियमों के बीच यह चिंता आम हो गई है कि सिलेंडर पहले शहर में पहुंचेगा या गांव में। सरकार ने बुकिंग और सप्लाई को लेकर नए नियम लागू किए हैं ताकि हर क्षेत्र में गैस बराबरी से पहुंचे।

शहर में गैस सप्लाई: तेज और व्यवस्थित
शहरी इलाकों में गैस सप्लाई आमतौर पर तेज और व्यवस्थित मानी जाती है। शहरों में कनेक्शन की संख्या ज्यादा होती है और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत होने की वजह से डिलीवरी में देरी कम होती है। नए नियमों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना पड़ता है। एक बार बुकिंग होने पर आमतौर पर 2-3 दिन में सिलेंडर डिलीवर हो जाता है। सप्लाई चेन की मजबूती और बेहतर लॉजिस्टिक्स की वजह से शहरों में सिलेंडर जल्दी पहुंचता है। यही कारण है कि समय पर बुकिंग करने वाले शहरी उपभोक्ताओं को आसानी से गैस मिल जाती है।


गांव में सप्लाई: थोड़ी धीमी लेकिन संतुलित
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्थिति थोड़ी अलग है। डिलीवरी नेटवर्क उतना मजबूत नहीं होता और लंबी दूरी के कारण सिलेंडर पहुंचने में देरी हो सकती है। नए नियमों के अनुसार, गांवों में अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का गैप तय किया गया है।सड़क की स्थिति और दूरी की वजह से डिलीवरी में समय लग सकता है। इसके अलावा सप्लाई सीमित होने पर प्रायरिटी तय की जाती है ताकि हर क्षेत्र में गैस बराबरी से पहुंचे और कोई एक जगह ज्यादा स्टॉक न कर ले। इसका मतलब यह नहीं कि गांवों में गैस नहीं मिलती, बल्कि वितरण को संतुलित रखने के लिए समय ज्यादा रखा गया है।


कुल मिलाकर: शहर में जल्दी, गांव में थोड़ा इंतजार
सीधी तुलना करें तो शहरों में सिलेंडर जल्दी मिल जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गांव पीछे रह गए हैं। असल फर्क नियमों और लॉजिस्टिक्स का है। सरकार का फोकस हर क्षेत्र में बराबरी से गैस पहुंचाने पर है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि शहर में रहने वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर जल्दी मिल सकता है, जबकि गांव में थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।


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Content Editor

Mansa Devi

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