''जब देश का मामला हो, सब राजनीति पीछे है, मेरा देश आगे है'', राजस्थान में बोले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
punjabkesari.in Thursday, Sep 14, 2023 - 07:57 PM (IST)
नेशनल डेस्कः उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गुरूवार को राजस्थान के दौरे पर रहे। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश का मामला हो, सब राजनीति पीछे है। मेरा देश आगे है, हमारा देश आगे है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपने फैसले अपने हित को ध्यान में रखकर लेता है, किसी के दबाव में नहीं। हमें हर हालत में भारतीयता को ऊंचा रखना है। हमें हर हालत में भारतीयता को ऊंचा रखना है। देश का नेतृत्व जानता है कि हमें ऐसा वातावरण तैयार करना है कि हर भारतीय अपनी प्रतिभा को दिखा सके, और वह हो चुका है। 10 साल पहले भारत पाँच कमजोर देशों में था और सितंबर 2022 में भारत दुनिया की पाँचवी आर्थिक महाशक्ति बन गया। कोई अंदाज़ा लगा सकता है- इतनी बड़ी छलांग!
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के प्रगति के बारे में जब दुनिया के लोगों से सुनता हूं...मैं आश्चर्यचकित नही होता हूं, दुनिया आश्चर्यचकित है! हाल में G20, क्या जबरदस्त प्रदर्शन था। देश के हर प्रांत में कार्यक्रम हुए। 58 जगहों पर 200 बैठकें हुईं। देश के हर कोने में केंद्र और राज्य सरकार में पूरा समन्वय रहा।
एक देश, एक चुनाव के बारे में बोलते हुए धनखड़ ने कहा कि हो सकता है यह लागू नहीं हो पाए, स्वाभाविक है किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग लोगों के विचार होंगे, अलग-अलग राजनीतिक दल अपना मत रखेंगे। पर यह कहना कि हम चर्चा नहीं करेंगे, यह प्रजातांत्रिक व्यवस्था नहीं है। चर्चा आवश्यक है, आपका क्या विचार है, क्या मंथन है यह आपका विवेक है। उन्होंने कहा कि आप की चुप्पी, आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अगर आप चुप रह जाओगे, कोई निर्णय नहीं करोगे।
किसानों के मुद्दे पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि मैं किसानों से आग्रह करता हूँ, बदलती हुई तकनीक के साथ खुद को बदलें। कृषि में अनुसंधान की जितनी आवश्यकता हैं, वह और कहीं नहीं है। हमारे किसानों की बदौलत भारत में आज food security का issue नहीं है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान की वजह से आज देश अग्रणी देशों में गिना जाता है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का व्यावसायीकरण कभी भी समाज के हित में नहीं हो सकता। अब इसमें बदलाव आ रहा है। तीन दशक के बाद व्यापक चिंतन और मंथन के बाद नई शिक्षा नीति आई है। उसी का नतीजा है। मेरे सामने मैं उन बच्चों को देख रहा हूँ जो भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। मैं यहाँ देख रहा हूँ, बालिकाओं की उपस्थिति असरदार है! यह बहुत बड़े बदलाव का संकेत है। इनकी भागीदारी की वजह से भारत हमेशा उन्नति करता रहेगा।
