Alert! आज से बदल गया WhatsApp और Telegram का नियम, यह काम किया तो...

punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 10:03 AM (IST)

New SIM Binding Rules India : भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) के नए 'सिम बाइंडिंग' (SIM Binding) नियम आज से पूरी तरह प्रभावी हो गए हैं। अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने के लिए आपके फोन में उस रजिस्टर्ड सिम का होना अनिवार्य है जिससे आपने अकाउंट बनाया है। 28 फरवरी की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब सभी कंपनियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

क्या है सिम बाइंडिंग नियम? 

अब तक लोग एक बार OTP के जरिए ऐप वेरिफाई कर लेते थे और फिर सिम निकालकर केवल Wi-Fi के जरिए महीनों तक ऐप चलाते रहते थे लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा:

  • लाइव वेरिफिकेशन: मैसेजिंग ऐप्स अब लगातार यह चेक करेंगे कि रजिस्टर्ड सिम फोन के प्राइमरी स्लॉट में एक्टिव है या नहीं।

  • सिम हटते ही लॉग-आउट: जैसे ही आप फोन से सिम निकालेंगे या सिम बंद होगा आपका WhatsApp या Telegram अकाउंट अपने आप 'डिसेबल' या लॉग-आउट हो जाएगा।

  • री-वेरिफिकेशन: ऐप को दोबारा चलाने के लिए आपको वही सिम दोबारा फोन में डालकर वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

PunjabKesari

WhatsApp Web यूजर्स को होगी ज्यादा परेशानी

इस नियम का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो WhatsApp Web या डेस्कटॉप वर्जन का अधिक इस्तेमाल करते हैं:

  • अब हर 6 घंटे में लिंक किए गए डिवाइस (Laptop/PC) अपने आप लॉग-आउट हो सकते हैं।

  • दोबारा लॉगिन करने के लिए आपको फोन में एक्टिव सिम के साथ QR कोड स्कैन करना होगा।

  • 'लिंक्ड डिवाइसेस' फीचर अब बार-बार बैकग्राउंड में चेक करेगा कि आपका मुख्य फोन और सिम एक्टिव हैं या नहीं।

PunjabKesari

विदेश यात्रा और रोमिंग पर क्या होगा?

अगर आप विदेश यात्रा पर जा रहे हैं:

यह भी पढ़ें: Strike Alert! इस राज्य में आज से सड़कों से गायब रहेंगे बस, ट्रक और टैक्सी, घर से निकलने से पहले पढ़ लें ये जरुरी खबर

  • रोमिंग: यदि आपका भारतीय सिम फोन में मौजूद है (चाहे रोमिंग पर हो) तो ऐप चलता रहेगा।

  • लोकल सिम: यदि आपने भारतीय सिम निकालकर वहां का लोकल सिम डाल लिया तो आपका ऐप अस्थायी रूप से बंद हो सकता है। ऐसे में आपको भारतीय सिम को फोन में बनाए रखना होगा या ई-सिम (e-SIM) का विकल्प चुनना होगा।

PunjabKesari

सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

साइबर अपराधी अक्सर भारतीय नंबरों से एक बार OTP लेकर अकाउंट बना लेते थे और फिर सिम फेंक देते थे या विदेश से बैठकर उसी नंबर के जरिए ठगी करते थे। 'सिम बाइंडिंग' से अपराधी का पता लगाना (Traceability) आसान हो जाएगा क्योंकि अकाउंट हमेशा KYC वाले सिम से जुड़ा रहेगा।

PunjabKesari

उपयोगकर्ताओं के लिए जरूरी सलाह

  1. सिम एक्टिव रखें: सुनिश्चित करें कि आपका रजिस्टर्ड सिम हमेशा फोन के प्राइमरी स्लॉट में रहे।

  2. सिम बदलने से पहले: यदि आप नया नंबर ले रहे हैं तो पुराने सिम को हटाने से पहले ऐप की सेटिंग्स में जाकर 'Change Number' फीचर का उपयोग करें।

  3. मल्टी-डिवाइस: वेब वर्जन इस्तेमाल करते समय फोन को पास और एक्टिव सिम के साथ रखें।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News