पश्चिम बंगाल में उत्तराखंड और गुजरात की तरह यूसीसी लागू करेंगे: शुभेंदु अधिकारी

punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 04:51 PM (IST)

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार छह महीने के भीतर 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ कड़े कानून लाएगी तथा उत्तराखंड एवं गुजरात की तरह राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेगी। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार संविधान के अनुरूप काम करेगी, लेकिन भारतीय संस्कृति, परंपरा और पूजा स्थलों पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, यह सरकार यहां किसी भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधि की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और ''विभाजनकारी ताकतों'' के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की। शुभेंदु ने कहा, ''आप निश्चिंत रहें कि सरकार संविधान के अनुरूप काम करेगी। लेकिन यह भारतीय संस्कृति, सनातनी परंपराओं, मंदिरों और मठों तथा हमारी उस विरासत पर किसी भी हमले की अनुमति नहीं देगी, जिसका प्रतिपादन आध्यात्मिक महापुरुषों स्वामी विवेकानंद और महाप्रभु श्री चैतन्य ने किया है

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने के मामले में पश्चिम बंगाल राज्य उत्तराखंड और गुजरात का अनुसरण करेगा। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, हमें छह महीने का समय दीजिए, हम 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ भी कड़े कानून लाएंगे। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लिए यूसीसी के मसौदे की समीक्षा करने के लिए उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम बंगाल यूसीसी विधेयक का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े मामलों में सभी समुदायों के लिए नागरिक कानूनों को एक समान बनाना है। यूसीसी 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक था। प्रस्तावित धार्मिक पर्यटन सर्किट के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना को दो साल में पूरा किया जायेगा और इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने कहा, हमें आपके सुझाव और सहयोग की जरूरत है। तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए अधिकारी ने कहा कि उसके पतन के कई कारण थे, लेकिन "हिंदू भावनाओं, संगठनों, देवी-देवताओं और परंपराओं को बार-बार ठेस पहुंचाना" इसके प्रमुख कारण थे।

उन्होंने कहा, लोगों ने लंबे समय तक इन सब चीजों को सहन किया और फिर उस पार्टी को अलविदा कह दिया। अपने छात्र जीवन के दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन में एक स्वयंसेवक के रूप में अपनी भागीदारी को याद करते हुए, शुभेंदु ने कहा कि 2021 से 2026 के बीच विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने राज्य में हिंदुओं पर कथित अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। शुभेंदु ने आगामी कार्यक्रमों की एक सूची भी बताई, जिसमें नवंबर में नेताजी इंडोर स्टेडियम में 20,000 लोगों द्वारा हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और 29 दिसंबर को 10 लाख लोगों द्वारा सामूहिक गीता पाठ शामिल है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने अगले वर्ष होने वाले गंगासागर मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 


 


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Content Editor

Sahil Kumar

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