पंचतत्व में विलीन हुए दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2026 - 12:00 AM (IST)
नेशनल डेस्कः हिंदी सिनेमा, मराठी रंगमंच और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में गुरुवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री, राजनीति और खेल जगत में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है। नाना पाटेकर गोवा में रह रहे थे, जहां सुबह करीब 5:20 बजे मणिपाल अस्पताल की मेडिकल टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ था और जब मेडिकल टीम उनके फ्लैट पहुंची तो वे बेहोश मिले थे। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने की।
पुणे स्थित फार्महाउस पर हुई अंतिम विदाई
नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर संपन्न हुआ। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस दौरान दिवंगत अभिनेता के परिवार के लोग और उनके करीबी मौजूद रहे।
#WATCH | Maharashtra: Last rites of veteran actor Nana Patekar performed with state honours at his native village, Donje village in Pune Rural. He passed away in Goa today. https://t.co/sh2DtLvT4g
— ANI (@ANI) October 8, 2026
महाराष्ट्र सरकार ने दिया राजकीय सम्मान
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान देने का निर्णय लिया। यह राजकीय सम्मान उन्हें मराठी रंगमंच, मराठी सिनेमा और हिंदी फिल्मों में दिए गए उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।
'परिंदा' से लेकर 'राजनीति' तक का यादगार सफर
नाना पाटेकर ने 'परिंदा', 'तिरंगा', 'अग्निसाक्षी', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'वेलकम', 'अपहरण' और 'राजनीति' जैसी कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने खलनायक, कॉमेडी और गंभीर भूमिकाएं बखूबी निभाईं। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने लेखन और निर्देशन भी किया; उन्होंने 1991 में फिल्म 'प्रहार: द फाइनल अटैक' से बतौर निर्देशक शुरुआत की थी।
किसानों के मुद्दों से रहा गहरा जुड़ाव
फिल्मों के अलावा नाना पाटेकर किसानों से भी बहुत गहराई से जुड़े हुए थे। वे स्वयं खेती-बाड़ी में रुचि रखते थे और उन्होंने हमेशा किसानों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
