'यह सिर्फ एक चैप्टर था, पूरी जिंदगी नहीं ' : यूपी कैडर की IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफे पर तोड़ी चुप्पी

punjabkesari.in Monday, Aug 31, 2026 - 06:12 AM (IST)

लखनऊः उत्तर प्रदेश कैडर की वर्ष 2013 बैच की आईएएस (IAS) अधिकारी दिव्या मित्तल ने सेवा से स्वैच्छिक इस्तीफा देने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक सेवा छोड़ने का फैसला अचानक लिया गया कोई निर्णय नहीं था और न ही इसके पीछे कोई तात्कालिक कारण या बाहरी दबाव था।

हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में दिव्या मित्तल ने कहा, "आईएएस की नौकरी मेरे जीवन का केवल एक अध्याय है, मेरा पूरा अस्तित्व नहीं"। उन्होंने बताया कि उनका यह निर्णय उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, रुचियों और परिवार को ध्यान में रखकर लिया गया है।

अविस्मरणीय रहा 13 वर्षों का सफर

सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा में बिताए अपने 13 वर्षों के कार्यकाल को एक "अविस्मरणीय यात्रा" बताया। उन्होंने इस यात्रा के दौरान मिले अनुभवों, सहयोगियों और जनता का आभार व्यक्त किया। दो बेटियों की मां दिव्या मित्तल ने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे अपनी कुछ पुरानी रुचियों को भी पूरा करना चाहती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में वे लेखन (writing), अध्यापन (teaching) या समाज सेवा (social service) के क्षेत्र से जुड़ सकती हैं, हालांकि उन्होंने अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

लंदन की आलीशान नौकरी छोड़ देश सेवा के लिए लौटी थीं भारत

दिव्या मित्तल का शैक्षणिक और व्यावसायिक सफर बेहद शानदार रहा है। वह और उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों (पूर्व आईएएस अधिकारी) दोनों ही आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) और आईआईएम बैंगलोर (IIM Bangalore) के पूर्व छात्र रहे हैं। सिविल सेवा में आने से पहले वे लंदन में जेपी मॉर्गन (JP Morgan) में काम कर रही थीं, जबकि उनके पति गगनदीप सिटी ग्रुप (Citi Group) में कार्यरत थे। विदेश में आकर्षक पैकेज और शानदार करियर होने के बावजूद, दोनों ने महसूस किया कि उनके जीवन में कुछ अधूरा है, जिसके बाद उन्होंने स्वदेश लौटकर देश सेवा करने का निर्णय लिया। दिव्या ने साल 2012 में अपने दूसरे प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 68वीं रैंक (AIR 68) हासिल कर आईएएस परीक्षा पास की थी।

प्रशासनिक कार्यकाल और सीख

उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान दिव्या मित्तल ने देवरिया, मिर्जापुर और संत कबीर नगर जिलों में जिलाधिकारी (DM) के रूप में काम किया। वर्तमान में वे राजस्व परिषद (Board of Revenue) में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं। अपने जिलों के अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देवरिया ने उन्हें सिखाया कि जो सही है उसके लिए खड़ा होना एक कर्तव्य है, जबकि मिर्जापुर ने उन्हें सिखाया कि 'असंभव' केवल एक राय है, कोई तथ्य नहीं। इसके साथ ही, मिर्जापुर में देवी विंध्यवासिनी के चरणों में मिले अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची शक्ति किसी पद से नहीं, बल्कि दैवीय कृपा और जनता के विश्वास से मिलती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास लंबित है इस्तीफा

दिव्या मित्तल का इस्तीफा अभी स्वीकृत होना बाकी है। उत्तर प्रदेश सरकार से सिफारिश मिलने के बाद इस इस्तीफे पर अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा लिया जाएगा। गौरतलब है कि दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों के इस्तीफे की भी दोबारा चर्चा होने लगी है, जिन्होंने साल 2022 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक (Joint Director General) के पद से इस्तीफा दे दिया था]। दिव्या के अनुसार, यह इस्तीफा उनके सफर के केवल एक हिस्से का अंत है, न कि उनकी बड़ी आकांक्षाओं का।


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Content Writer

Pardeep