कनाडा में खालिस्तान समर्थक सिख एक्टिविस्ट को मिली जान से मारने की धमकी; बचाने में जुटे UN एक्सपर्ट्स, सुरक्षा को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 05:52 PM (IST)
Toronto: कनाडा में सिख एक्टिविस्ट मोनींदर सिंह की सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र के पांच स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों ने कनाडाई सरकार से अपील की है कि सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए उपलब्ध सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। UN विशेषज्ञों की ओर से कनाडा सरकार को भेजा गया पत्र 3 जून 2026 का है और इसे नियमित प्रक्रिया के तहत करीब दो महीने बाद सार्वजनिक किया गया। पत्र में सिंह के खिलाफ कथित विदेशी धमकी और प्रतिशोध से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया गया है। पत्र के मुताबिक, मोनींदर सिंह को 2022 से अब तक चार बार कनाडाई अधिकारियों की ओर से ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ नोटिस दिए जा चुके हैं। इन चेतावनियों का मतलब है कि अधिकारियों के पास उनकी जान को लेकर गंभीर और तत्काल खतरे से संबंधित जानकारी थी।
सिंह और उसके परिवार को चेतावनी
फरवरी 2026 में भी कनाडाई पुलिस ने सिंह और उनके परिवार को खतरे की चेतावनी दी थी। उस समय उनकी पत्नी और बच्चों को भी संभावित खतरे के बारे में बताया गया था। UN के पांच विशेषज्ञों ने कहा कि कनाडा ने खतरे के बारे में चेतावनी तो दी, लेकिन फरवरी के बाद सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा और निगरानी के लिए आगे क्या कदम उठाए गए, इसकी पर्याप्त जानकारी सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों ने कनाडा से मामले की जांच तेज करने, दोषियों को जवाबदेह ठहराने और पीड़ितों को उचित राहत देने की मांग भी की है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी धमकी या दबाव का सामना कर रहे कनाडा में मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
कौन हैं मोनींदर सिंह?
मोनींदर सिंह कनाडा में सिख अधिकारों और खालिस्तान समर्थक अभियान से जुड़े एक प्रमुख कार्यकर्ता हैं। वे Sikh Federation of Canada से जुड़े रहे हैं और दिवंगत खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर के करीबी सहयोगी भी थे। सिंह ने पहले कनाडाई संसद के सामने भी ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं रखी थीं। उन्होंने कहा था कि खतरे की जानकारी दिए जाने के बाद भी प्रभावित व्यक्ति को अक्सर अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही कदम उठाने पड़ते हैं।
निज्जर की हत्या के बाद बढ़ा विवाद
मोनींदर सिंह की सुरक्षा का मुद्दा कनाडा और भारत के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव से भी जुड़ा हुआ है। 2023 में कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार के संभावित संबंधों के आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है। निज्जर की हत्या के बाद कनाडा में कई सिख एक्टिविस्टों को पुलिस की ओर से संभावित जान के खतरे की चेतावनी दिए जाने की खबरें सामने आई थीं। रॉयटर्स ने 2024 में रिपोर्ट किया था कि मोनींदर सिंह को इससे पहले भी कई बार तत्काल हत्या के खतरे की चेतावनी मिल चुकी थी। पत्र जारी करने वाले UN के विशेष रैपोर्टर और मानवाधिकार विशेषज्ञ स्वतंत्र विशेषज्ञ होते हैं और सीधे संयुक्त राष्ट्र संगठन की आधिकारिक नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करते। हालांकि, उनका पत्र कनाडा में विदेशी हस्तक्षेप, धमकियों और मानवाधिकार सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता को सामने रखता है।
