होर्मुज संकट पर दुनिया एकजुट ! समुद्र में फंसे सैंकड़ों जहाज निकालने की तैयारी, 35 देशों की बैठक में भारत को भी न्योता

punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 07:16 PM (IST)

London: ईरान युद्ध के चलते बंद हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अब वैश्विक स्तर पर बड़ी पहल शुरू हो गई है। ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर 35 देशों की एक अहम बैठक (होर्मुज समिट) बुलाई है, जिसमें भारत को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की इस पहल में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी वर्चुअली हिस्सा ले रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी पुष्टि की है।

 

यह समिट ऐसे समय हो रही है जब ईरान युद्ध के कारण दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक लगभग बंद हो चुका है। इससे भारत, चीन, जापान, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों की पेट्रोल-डीजल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। कई जहाज इस रास्ते में फंसे हुए हैं। ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर इस बैठक का नेतृत्व कर रही हैं, जहां पहले चरण में कूटनीतिक और राजनीतिक समाधान पर चर्चा की जा रही है, ताकि बिना युद्ध के रास्ता खोला जा सके। भारत भी इस मुद्दे पर सक्रिय है और लगातार ईरान व अन्य देशों से संपर्क में है।

 

जायसवाल के मुताबिक, हाल की बातचीत के बाद 6 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं, और बाकी जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रयास जारी हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि जिन देशों का व्यापार इस रास्ते से होता है, उन्हें इसे खुलवाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने नाटो और ब्रिटेन पर भी दबाव डाला, लेकिन ब्रिटेन ने सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाते हुए कूटनीतिक रास्ता चुना है।  कुल मिलाकर, होर्मुज का संकट अब वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक चिंता बन चुका है, और इसे सुलझाने के लिए दुनिया के बड़े देश एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं।
 


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Content Writer

Tanuja

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