मुंबई सियासत में ठाकरे भाइयों के बीच दरार? शिवसेना (UBT) और MNS गठबंधन टूटने की कगार पर !
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 10:36 PM (IST)
नेशनल डेस्क: मुंबई की राजनीति में ठाकरे परिवार के दो प्रमुख चेहरों के बीच मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। Shiv Sena (UBT) और Maharashtra Navnirman Sena (MNS) के बीच बना तथाकथित “मराठी यूनाइटेड फ्रंट” हालिया घटनाक्रम के बाद दबाव में नजर आ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, विवाद की जड़ बीएमसी में मनोनीत पार्षदों की तीन सीटों के बंटवारे को लेकर है। MNS ने इनमें से एक सीट की मांग की थी, लेकिन Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसी मुद्दे ने दोनों दलों के रिश्तों में खटास बढ़ा दी है।
शिंदे से मुलाकात और बढ़ी अटकलें
इसी बीच, MNS प्रमुख Raj Thackeray की मुख्यमंत्री Eknath Shinde से हालिया मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। इसके बाद शिंदे गुट की प्रवक्ता साइना एनसी का राज ठाकरे के दादर स्थित आवास पर जाना भी चर्चा का विषय बना। इन घटनाओं ने संभावित नए समीकरणों को लेकर अटकलों को तेज कर दिया है।
MNS नेताओं ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जाहिर की है। कुछ पोस्टों को UBT के प्रति असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दादर स्थित शिवतीर्थ आवास पर MNS की एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ मनोनीत नगरसेवकों के विवाद पर चर्चा की गई।
पार्टी के नेताओं ने संकेत दिया है कि अंतिम फैसला राज ठाकरे करेंगे। फिलहाल कोई औपचारिक निर्णय घोषित नहीं हुआ है, लेकिन वरिष्ठ स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।
चुनावी आंकड़े और बदलते समीकरण
हालिया बीएमसी चुनाव में शिवसेना (UBT) को 65 सीटें मिलीं, जबकि MNS को 6 सीटों पर संतोष करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीटों के इस अंतर ने बातचीत की शक्ति संतुलन को प्रभावित किया है।
दूसरी ओर, UBT नेताओं का कहना है कि दोनों ठाकरे भाई परिपक्व नेता हैं और आपसी संवाद से मतभेद सुलझा सकते हैं। उनका दावा है कि कुछ बयानों या सोशल मीडिया पोस्ट से गठबंधन की बुनियाद प्रभावित नहीं होगी।
मुंबई की राजनीति में यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि दोनों दल अपने मतभेद दूर करते हैं या अलग-अलग राह चुनते हैं। फिलहाल, राजनीतिक गलियारों में नजरें ठाकरे भाइयों के अगले कदम पर टिकी हैं।
