ममता बनर्जी विरोध झेलने से बौखला गई हैं, इमरजेंसी की याद दिलाता है आज का बंगाल: सुवेंदु अधिकारी

punjabkesari.in Saturday, Apr 02, 2022 - 02:45 PM (IST)

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बीरभूम हिंसा को लेकर ममता सरकार पर निशाना साधा है। विधानसभा में नेता विपक्ष सुवेंदु ने आरोप लगाया है कि राज्य में 'आपातकाल जैसा माहौल' बन गया है। भाजपा नेता ने कहा कि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डरी हुई है क्योंकि वह पहली बार लगातार विरोध का सामना कर रही है। उन्होंने ममता सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया है। 

सुवेंदु अधिकारी ने ट्वीट कर कहा कि, "भारतीय राजनीति के इतिहास का काला अध्याय! इमरजेंसी या आपातकाल के माहौल को याद दिलाता है आज का बंगाल। मुख्यमंत्री पहली बार लगातार विरोध झेलतीं हुईं बौखला गई हैं, इसलिए विरोधियों के आवाज को दबाया है।" उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय से मिले पत्र को भी ट्वीट किया, जिसमें कहा गया है कि उन्हें 28 मार्च से विधानसभा के शेष सत्र तक निलंबित कर दिया गया है, जो 7 मार्च को शुरू हुआ था।

बंगाल विधानसभा में बीरभूम हिंसा को लेकर हुआ हंगामा
दरअसल, बंगाल विधानसभा में बीरभूम हिंसा को लेकर भारी हंगामा हुआ था। मामला यहां तक बढ़ गया कि बीजेपी और सत्ताधारी टीएमसी के नेताओं में पहले कहासुनी, फिर मारपीट हो गई। इस धक्कामुक्की में बीजेपी के विधायक असित मजूमदार घायल हो गए थे। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि टीएमसी और सुरक्षा कर्मियों ने आठ भाजपा विधायकों को घायल कर दिया है। 

निलंबन को बीजेपी ने राजनीति का काला अध्याय करार दिया
विधानसभा स्पीकर ने विधानसभा में पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए सुवेंदु अधिकारी समेत बीजेपी के 5 विधायकों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था। स्पीकर ने अधिकारी के अलावा भाजपा विधायक दीपक बर्मन, शंकर घोष, मनोज तिग्गा और नरहरि महतो को 2022 के आगामी सभी सत्रों के लिए निलंबित कर दिया है। इस निलंबन को लेकर बीजेपी और टीएमसी आमने सामने है। बीजेपी नेता अधिकारी ने ट्वीट कर राज्य के मौजूदा हालात की तुलना इमरजेंसी से करते हुए इसे राजनीति का काला अध्याय करार दिया है। बताते चलें कि, बीरभूम जिले के बोगटुई गांव में अज्ञात लोगों ने 10 घरों में आग लगा दी थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष ने इस हिंसक वारदात के पीछे टीएमसी नेताओं का हाथ होने का आरोप लगाया है।

 


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rajesh kumar

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