20,000 पुलिसकर्मी, 300 कैमरे और 12 डिटेंशन सेंटर… CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में कड़ी सुरक्षा

punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2026 - 10:44 PM (IST)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और चौकसी का व्यापक प्लान तैयार किया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति खारिज किए जाने के बावजूद खुफिया इनपुट को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और दिल्ली की सीमाओं पर 20,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने की योजना बनाई गई है। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बिना अनुमति के होने वाले जमावड़ों को रोकना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को रोकना है।

केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को लिखा पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस के साथ कड़ा तालमेल बिठाने का निर्देश दिया है। खुफिया इनपुट में अंदेशा जताया गया है कि पाबंदियों के बावजूद CJP कार्यकर्ता दिल्ली में दाखिल होने का प्रयास कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं, पिछले कानून-व्यवस्था के मुद्दों और सुरक्षा व यातायात पर पड़ने वाले असर का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके मद्देनजर सीमावर्ती अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों को लगातार जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।

1.5 किमी संवेदनशील ज़ोन में 6,500 जवान और 7 लेयर बैरिकेडिंग
जंतर-मंतर, जनपथ, निर्वाचन आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय को शामिल करते हुए 1.5 किलोमीटर के दायरे को अति-संवेदनशील ज़ोन घोषित किया गया है। केवल इस ज़ोन के भीतर ही 6,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाली सड़कों पर कम से कम 7 परतों (7 layers) की बहुस्तरीय बैरिकेडिंग लगाई गई है। इसके अलावा कई संवेदनशील स्थानों पर लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिनके जरिए घोषणाएं की जा रही हैं कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं है और लोग नारेबाजी या हिंसा से दूर रहें।

12 डिटेंशन सेंटर तैयार, उकसावे पर भी अधिकतम संयम बरतने के निर्देश
बिना अनुमति के दिल्ली में जुटने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली पुलिस ने 12 डिटेंशन सेंटर (detention centres) तैयार किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तरह से पेशेवर रुख अपनाएं और प्रदर्शनकारियों द्वारा उकसाने के प्रयास पर भी अधिकतम संयम बनाए रखें। इसके अलावा, स्वतंत्र पत्रकार का दावा करने वाले व्यक्तियों द्वारा उकसावे की स्थिति से निपटने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

300 से अधिक हाई-टेक कैमरे, बॉडी कैमरे और 100 वीडियोग्राफर तैनात
सुरक्षा व्यवस्था की डिजिटल निगरानी के लिए नई दिल्ली जिले के संवेदनशील स्थानों पर ऑडियो और वीडियो क्षमताओं से लैस 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Addl CP) और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए बॉडी कैमरों की व्यवस्था की गई है। वहीं, पूरी घटना की रीयल-टाइम रिकॉर्डिंग के लिए लगभग 100 फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों को लगाया गया है। यह फुटेज भविष्य में कानून-व्यवस्था के उल्लंघन पर सबूत के रूप में इस्तेमाल की जाएगी।

मस्जिदों, RWAs और होटलों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
दिल्ली पुलिस ने कम्युनिटी सेंटरों, मस्जिदों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (RWAs) के जरिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इसके जरिए निवासियों को सूचित किया जा रहा है कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिली है और इसमें भाग लेने आने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के होटलों, लॉज और एयरबीएनबी (Airbnb) संपत्तियों की जांच की जा रही है तथा मालिकों को संदिग्ध ठहरने वालों की जानकारी पुलिस को देने की सलाह दी गई है।

रामलीला मैदान के लिए भी नहीं मिली कोई अर्जी
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन को रामलीला मैदान में शिफ्ट करने के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। यदि आयोजक इसके लिए आवेदन प्रस्तुत करते हैं, तो सक्षम प्राधिकारी स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लेंगे।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News