'जो सनातन को डेंगू कहते थे, ... जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है- DMK की हार पर तरुण चुघ ने दिया बड़ा बयान
punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 05:47 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पांच राज्यों में चुनाव के नतीजे धीरे- धीरे सामने आ रहे हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक बंगाल में बीजेपी बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही है। असम में भी सत्ता में वापसी के संकेत मिल रहे हैं। नतीजों को लेकर बीजेपी नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में भाजपा ने नेता तरुण चुघ का बंगाल में बीजेपी की जीत पर बयान सामने आया है।
#WATCH | दिल्ली: भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा, "लगभग 100 से ज्यादा कार्यकर्ता ऐसे हैं जिन्होंने इस सरकार(TMC) के अत्याचार को सहा, वे शहीद हुए। कई हजारों कार्यकर्ताओं के घर जला दिए गए, उन्हें हम नमन करते हैं। जिन कार्यकर्ताओं ने तपस्या की, जो अड़े रहे, उन्हें नमन है। यह जनादेश… pic.twitter.com/H2W38y1D4Q
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 4, 2026
उन्होंने कहा कि "लगभग 100 से ज्यादा कार्यकर्ता ऐसे हैं जिन्होंने इस सरकार(TMC) के अत्याचार को सहा, वे शहीद हुए। कई हजारों कार्यकर्ताओं के घर जला दिए गए, उन्हें हम नमन करते हैं। जिन कार्यकर्ताओं ने तपस्या की, जो अड़े रहे, उन्हें नमन है। यह जनादेश प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित है। जनता के आशीर्वाद से आज बंगाल में उन हजारों कार्यकर्ताओं की तपस्या का फल निकला है। तमिलनाडु में DMK की हार पर उन्होंने कहा, "जो सनातन को डेंगू कहते थे, बीमारी कहते थे जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है।
आप को बता दें कि कुछ समय पहले तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन (DMK) ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की थी और इसे खत्म करने की बात कही थी। अब विधानसभा चुनाव में डीएम की हार को लोग सनातन विरोधी होने की वजह बता रहे हैं।
गौरतलब है कि इस चुनाव में तमिलनाडु में TVK पार्टी के नेता विजय बड़ी जीत की तरफ बढ़ रहे हैं। आम तौर पर देखा जा रहा था कि भारत की राजनीति में बीजेपी का विकल्प विपक्ष की स्थापित पार्टियां हैं और विपक्ष की पार्टियों का विकल्प बीजेपी है। मगर तमिलनाडु में ऐसा नहीं हुआ। सी जोसेफ विजय नए मुख्यमंत्री हो सकते हैं। अभी तक के रुझानों में वो इतने आगे चले गए हैं कि उनके बिना सरकार नहीं बन सकती और DMK की सरकार अब नहीं बनेगी। हो सकता है TVK के Vijay को AIADMK और बीजेपी का साथ लेना पड़े और इस तरह से NDA की सरकार बन जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो केंद्र सरकार को तमिलनाडु की एक नई पार्टी से डील करना पड़ेगा।
