बजट के दिन उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाजः बारिश, बर्फबारी और कड़ाके की ठंड का अलर्ट
punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 11:08 PM (IST)
नेशनल डेस्कः जहां पूरा देश 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर ध्यान लगाए बैठा है, वहीं उत्तर भारत में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के सक्रिय होने से पश्चिमी हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसका असर पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा।
IMD के मुताबिक, 1 से 3 फरवरी के बीच उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई मैदानी क्षेत्रों में छिटपुट से लेकर कई जगहों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ और ‘मौसम तक’ के संस्थापक देवेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि भले ही यह बारिश पहले जैसी बहुत भारी न हो, लेकिन इसका असर काफी सक्रिय और व्यापक रहेगा।
उन्होंने बताया कि 1 फरवरी को कई राज्यों में मौसम बदला-बदला रहेगा और खासकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी तेज होने की संभावना है। साथ ही, बादल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की तरफ बढ़ेंगे, जिससे इन राज्यों के मौसम में साफ बदलाव दिखेगा।
मैदानी इलाकों में कितनी बढ़ेगी ठंड?
दिल्ली-एनसीआर में 1 फरवरी को आम तौर पर बादल छाए रहेंगे और सुबह के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। IMD का अनुमान है कि बादलों के कारण रात का तापमान शुरू में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, लेकिन इसके बाद अगले चार दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। देवेंद्र त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि बादल छंटने के बाद मैदानों में कड़ाके की सर्दी फिर लौटेगी। ठंडी हवाएं चलेंगी और इससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है, खासकर पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में। उन्होंने बताया कि श्रीनगर और हिसार जैसे इलाकों में तापमान 3–4 डिग्री तक गिर सकता है। फिलहाल मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान पंजाब के फरीदकोट में 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
फरवरी महीने में कैसा रहेगा मौसम?
IMD के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार, पूरे देश में फरवरी 2026 में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।
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देशभर में बारिश लंबी अवधि के औसत का 81% से भी कम रह सकती है।
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उत्तर-पश्चिम भारत में स्थिति और सूखी रहेगी, जहां बारिश औसत के 78% से भी कम रहने का अनुमान है।
हालांकि, पूरे महीने के दौरान भारत के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है — यानी दिन अपेक्षाकृत कम ठंडे रह सकते हैं, लेकिन बीच-बीच में ठंड के झटके महसूस होंगे।
