‘नशा-मुक्त युवा, नशा-मुक्त भारत’ के संकल्प की निर्णायक शुरुआत पंजाब से हो: सतनाम सिंह संधू
punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 05:26 PM (IST)
पंजाब: राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू ने आज धनास गांव में युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 137वीं कड़ी सुनी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आज दिया गया ‘नशा-मुक्त युवा, नशा-मुक्त भारत’ का संकल्प पंजाब के लिए विशेष महत्व रखता है और पंजाब को इस राष्ट्रीय संकल्प का नेतृत्व करना चाहिए।

संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन-आंदोलन बनाने का रास्ता भी बताया है। उन्होंने युवाओं को प्रभावशाली नारे गढ़ने, संगीतकारों को नशा-मुक्त जीवन का संदेश देने वाले गीत रचने, विद्यार्थियों और नाटक मंडलियों को नशे की तबाही और उससे बाहर निकलने का रास्ता दिखाने वाले लघु नाटक तैयार करने तथा रचनाकारों को विभिन्न भाषाओं में जागरूकता पैदा करने वाली सामग्री बनाने का आह्वान किया। उनका स्पष्ट संदेश था कि नशा अकेले व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को अपनी चपेट में लेता है।
संधू ने कहा कि पंजाब के लिए इस संकल्प के अर्थ और भी गहरे हैं। पंजाब की लड़ाई केवल नशे की लत से नहीं, बल्कि सीमा पार से नशा तस्करी के माध्यम से पनप रहे नार्को-टेरर के उस तंत्र से भी है, जो प्रदेश की युवा शक्ति, अमन-चैन और सुरक्षा को खोखला कर रहा है। फिरौतियों के लिए धमकियां, जबरन वसूली, लक्षित हत्याओं और संगठित अपराध की कई घटनाओं की कड़ियां नशा तस्करी और नार्को-टेरर के जाल से जुड़ती हैं।
“नशा-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में पंजाब की भूमिका सबसे अहम हो सकती है। पंजाब को केवल नशे की मार से बचाना नहीं, बल्कि नशा तस्करी और नार्को-टेरर के पूरे तंत्र की जड़ें उखाड़नी हैं। देश ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और निर्णायक कार्रवाई के साथ नक्सलवाद को निर्णायक रूप से पीछे धकेला है; उसी दृढ़ता, संकल्प और क्षमता के साथ भारतीय जनता पार्टी पंजाब को नार्को-टेरर के जाल से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संधू ने कहा कि इस लड़ाई का दूसरा अहम पक्ष पंजाब की युवा शक्ति के सामने नशे की जगह अवसरों का संसार खड़ा करना है। शिक्षा, कौशल, खेल, शोध, रोजगार और उद्यम के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को पंजाब की प्रगति की ताकत बनाना होगा। पंजाब की युवा शक्ति को समस्या नहीं, बल्कि पंजाब के पुनर्निर्माण की सबसे बड़ी ताकत मानना होगा।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ की असली ताकत अच्छी सोच को जन-भागीदारी और जन-भागीदारी को जन-आंदोलन में बदलने में है। प्रधानमंत्री का आज का आह्वान पंजाब के हर गांव, हर शिक्षण संस्थान, हर खेल मैदान और हर युवा तक पहुंचना चाहिए। “नशा-मुक्त युवा, नार्को-टेरर से मुक्त पंजाब और युवाओं के लिए अवसरों से भरपूर भविष्य—प्रधानमंत्री के आज के संकल्प को पंजाब में इसी दृढ़ जन-आंदोलन में बदलना होगा।
