Nipah Virus Alert: 45 दिनों तक शरीर में छुपा रह सकता है निपाह, जानिए कब बन जाता है जानलेवा?
punjabkesari.in Friday, Jan 30, 2026 - 10:42 PM (IST)
नेशनल डेस्कः पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई है। निपाह ऐसा वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है और अगर यह इंसान से इंसान में फैलने लगे, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
सबसे बड़ी चिंता इसकी बहुत ज्यादा मौत की दर है, जो करीब 40 से 75 प्रतिशत तक मानी जाती है। यही वजह है कि किसी भी देश में निपाह का एक भी केस मिलते ही स्वास्थ्य एजेंसियां तुरंत हाई अलर्ट पर चली जाती हैं।
निपाह वायरस कहां से आता है?
निपाह वायरस का सबसे बड़ा स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ होते हैं। यह वायरस इंसानों में कई तरीकों से पहुंच सकता है—
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चमगादड़ों द्वारा खाए या दूषित किए गए फल खाने से
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कच्चा खजूर का रस पीने से
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संक्रमित सूअरों के संपर्क में आने से
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संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से (मानव से मानव)
निपाह वायरस इतना खतरनाक क्यों माना जाता है?
निपाह को खतरनाक बनाने की सबसे बड़ी वजह यह है कि— अभी तक इसकी कोई पक्की दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इलाज सिर्फ लक्षणों के आधार पर किया जाता है। गंभीर मरीजों को आईसीयू में रखना पड़ता है। डॉक्टरों ने मुताबिक जो मरीज इससे बच भी जाते हैं, उनमें लंबे समय तक याददाश्त कमजोर होना, दौरे पड़ना और दिमाग से जुड़ी समस्याएं जैसी न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें बनी रह सकती हैं।
शरीर में कैसे बढ़ता है निपाह वायरस?
निपाह वायरस की सबसे डरावनी बात यह है कि यह तुरंत लक्षण नहीं दिखाता। इसका इन्क्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 4 से 14 दिन का होता है लेकिन कुछ मामलों में यह 45 दिन तक शरीर में साइलेंटली छुपा रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति खुद को बिल्कुल ठीक महसूस करता है, लेकिन अंदर ही अंदर वायरस सक्रिय रहता है।
निपाह बीमारी के दो खतरनाक चरण
पहला चरण – फ्लू जैसा संक्रमण
इस स्टेज में लक्षण आम सर्दी-फ्लू जैसे होते हैं— तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, उल्टी और मितली। कई बार लोग इसे साधारण फ्लू या कोविड समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बहुत खतरनाक हो सकता है।
दूसरा चरण – सबसे जानलेवा
यहीं से निपाह बेहद गंभीर हो जाता है। इस स्टेज में वायरस सीधे दिमाग पर हमला करता है और एन्सेफलाइटिस (दिमाग की सूजन) पैदा कर सकता है।
इस दौरान लक्षण हो सकते हैं— चक्कर आना, बहुत ज्यादा नींद आना, भ्रम की स्थिति, होश कम होना, सांस लेने में दिक्कत, दौरे पड़ना और 24 से 48 घंटे के भीतर कोमा तक पहुंचने का खतरा।
निपाह वायरस कैसे फैलता है?
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संक्रमित चमगादड़ों या सूअरों के सीधे संपर्क से
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चमगादड़ों द्वारा दूषित फल या कच्चा खजूर रस पीने से
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संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से
किन देशों में मिल चुके हैं निपाह के मामले?
निपाह वायरस के केस दुनिया के कई देशों में सामने आ चुके हैं इनमें बांग्लादेश, मलेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस शामिल हैं। भारत में रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
केस मिलते ही क्या कदम उठाए जाते हैं?
जैसे ही निपाह का कोई मामला सामने आता है—
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बड़े पैमाने पर टेस्टिंग
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संक्रमित व्यक्ति का आइसोलेशन
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कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी जाती है
ताकि वायरस को आगे फैलने से रोका जा सके।
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
