इंदौर की घटना एक सबक, दिल्लीवाले भी पीने के पानी को लेकर रहें सचेतः अनुराग ढांडा

punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 12:22 AM (IST)

नेशनल डेस्कः इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई दर्दनाक मौतों के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है और दिल्ली के लोगों को भी पीने के पानी को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी है। ‘आप’ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इस हादसे को देश के बड़े शहरों के लिए एक गंभीर चेतावनी बताया है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि इंदौर जैसे बड़े और विकसित शहर में, जहां भाजपा की “ट्रिपल इंजन सरकार” है यानी (सांसद, विधायक, पार्षद और प्रदेश सरकार) सभी भाजपा के वहां इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की गंभीर चूक के कारण 14 मासूम बच्चों और कई अन्य लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। ढांडा ने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं में इतना अहंकार आ गया है कि उनके मंत्री इस मुद्दे पर सवाल उठाने वालों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने दिल्ली के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब दिल्ली में भी केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और एमसीडी, तीनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में अगर प्रशासनिक लापरवाही हुई, तो इंदौर जैसी घटना दिल्ली में भी दोहराई जा सकती है। इसलिए दिल्लीवासियों को चाहिए कि वे अपने घरों में आने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर बेहद सावधान रहें, जरूरत पड़ने पर पानी उबालकर या फिल्टर करके ही इस्तेमाल करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भी भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने भाजपा के ‘हिंदुत्व’ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंदौर में जिन लोगों की मौत हुई, क्या वे हिंदू नहीं थे? उन्होंने दावा किया कि जिस वार्ड में यह हादसा हुआ, वहां के लोग पिछले दो साल से लगातार लिखित शिकायतें कर रहे थे कि पीने के पानी में सीवर और एसिड जैसा गंदा पानी मिल रहा है, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

प्रियंका कक्कड़ ने तीखे शब्दों में कहा कि क्या मरने वाले हिंदुओं की चीखें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक नहीं पहुंचीं? उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद अब तक किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि इस गंभीर मामले में जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, साथ ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित लोगों को इस्तीफा देना चाहिए।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News