Suryakumar Yadav On Retirement: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्या संन्यास लेंगे कप्तान सूर्या? खुद किया बड़ा खुलासा

punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 08:58 AM (IST)

Suryakumar Yadav On Retirement: भारतीय क्रिकेट के नए 'कैप्टन कूल' सूर्यकुमार यादव का नाम अब इतिहास के उन पन्नों में दर्ज हो चुका है, जहां ICC ट्रॉफी जिताने वाले कप्तानों के नाम लिखे जाते हैं। सूर्या की जादुई कप्तानी में Team India ने अहमदाबाद के मैदान पर न्यूजीलैंड को धूल चटाकर T20 World Cup का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, इस शानदार जीत के बीच क्रिकेट गलियारों में एक चर्चा जोरों पर थी कि 35 साल के हो चुके सूर्या इस मेगा टूर्नामेंट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। टूर्नामेंट की शुरुआत से ही लग रही इन अटकलों पर अब खुद कप्तान ने चुप्पी तोड़ी है और फैंस को एक बड़ी खुशखबरी दी है।

संन्यास के सवाल पर सूर्या का 'मजाकिया' अंदाज
वर्ल्ड कप फाइनल जीतने के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब रिटायरमेंट को लेकर सवाल उछला, तो सूर्या ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में इसका जवाब दिया। हेड कोच गौतम गंभीर की मौजूदगी में सूर्या ने साफ लफ्जों में कहा कि जब सब कुछ इतना शानदार चल रहा है और टीम जीत रही है, तो संन्यास के बारे में सोचने की भला क्या जरूरत है? उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि 'मिस्टर 360' अभी कहीं नहीं जा रहे हैं और उनके भीतर अभी काफी क्रिकेट बाकी है। उन्होंने उन तमाम अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें उनके रिटायरमेंट का दावा किया जा रहा था।

अगला लक्ष्य: ओलंपिक गोल्ड और मिशन 2028
सिर्फ संन्यास की खबरों को नकारना ही नहीं, बल्कि सूर्या ने अपने भविष्य के रोडमैप का भी खुलासा कर दिया है। कप्तान ने बताया कि अब उनकी निगाहें क्रिकेट के अगले बड़े पड़ाव यानी ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर टिकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने T20 World Cup 2028 को भी अपने टारगेट लिस्ट में शामिल किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि फैंस कम से कम अगले दो सालों तक सूर्या को नीली जर्सी में मैदान पर धमाल मचाते हुए देखेंगे, क्योंकि वर्ल्ड कप का अगला एडिशन 2028 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है।

बल्ले से भले रहे नाकाम, पर कप्तानी में रहा दम
अगर व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो फाइनल मुकाबले में सूर्या का बल्ला खामोश रहा और वह बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका योगदान नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने 9 मैचों में कुल 242 रन बनाए और वह इस World Cup में भारत की ओर से तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। टूर्नामेंट के पहले ही मैच में खेली गई उनकी दबाव भरी अर्धशतकीय पारी ने टीम इंडिया के लिए जीत की लय सेट की थी। भले ही फाइनल में रन नहीं निकले, लेकिन बतौर कप्तान उन्होंने जो रणनीति बुनी, उसने भारत को विश्व विजेता बना दिया।


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Content Editor

Anu Malhotra

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