Switzerland Traffic Fine: छुट्टी मनाकर स्विट्जरलैंड से लौटने के 1 साल बाद भारतीय महिला टूरिस्ट के घर आया ₹1.5 लाख का चालान, इंटरनेट पर मचा बवाल

punjabkesari.in Tuesday, Jun 02, 2026 - 08:30 AM (IST)

Switzerland Traffic Fine: विदेश घूमना किसे पसंद नहीं होता, लेकिन कभी-कभी वहां की एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ जाती है। ऐसा ही एक सबक दिलाने वाला मामला सामने आया है। एक भारतीय महिला टूरिस्ट के साथ, जब स्विट्जरलैंड में छुट्टियां मनाकर लौटने के पूरे एक साल बाद उन्हें ₹1.5 लाख का ट्रैफिक जुर्माना थमा दिया गया। इतनी बड़ी रकम का नोटिस अचानक घर के पते पर डाक से मिलने के बाद महिला के होश उड़ गए।

सोशल मीडिया पर मदद की गुहार
'Poan Sapdi' नाम की इस महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी आपबीती शेयर करते हुए लिखा, "क्या किसी और को भी स्विट्जरलैंड से आने के महीनों बाद ऐसा चालान मिला है? हमें एक साल बाद लगभग 1 लाख रुपये का जुर्माना आया है। हम बस यह जानना चाहते हैं कि क्या इस जुर्माने को कम कराने, माफ कराने या इसके खिलाफ अपील करने का कोई कानूनी तरीका है?" महिला ने इंटरनेट यूजर्स से इस प्रक्रिया को समझने के लिए सलाह और मदद मांगी।

क्यों वायरल हुई यह पोस्ट?
देखते ही देखते इस पोस्ट को 13 लाख (1.3 Million) से ज्यादा व्यूज मिल गए और यह इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई। इस घटना ने उन भारतीय पर्यटकों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है जो विदेशों में रेंटल कार (किराए की गाड़ी) लेकर घूमते हैं। दरअसल, विदेशी रेंटल कंपनियां चालान के साथ भारी-भरकम एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज (प्रशासनिक शुल्क) भी जोड़ देती हैं, जिससे जुर्माने की रकम दोगुनी हो जाती है।

यूजर्स ने दी चेतावनी: चुनौती दी तो बढ़ जाएगा जुर्माना
कमेंट सेक्शन में लोगों ने महिला को अलग-अलग तरह की सलाह दी। एक यूजर ने चेतावनी देते हुए लिखा: इसे माफ कराना नामुमकिन है। स्विट्जरलैंड में ट्रैफिक नियम बहुत सख्त हैं। अगर आपने इस जुर्माने को चुनौती देने या कम कराने की कोशिश की, तो वे इसे और बढ़ा सकते हैं। बेहतर होगा कि आप इसे चुपचाप भर दें, वरना अगली बार शेंगेन (Schengen) वीजा मिलने में दिक्कत हो सकती है और आपको ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

महिला की सफाई: 'जुर्माना देंगे, लेकिन....
इस सलाह पर महिला ने जवाब दिया कि वे जुर्माना देने से भाग नहीं रही हैं, लेकिन उन्हें नोटिस ही एक साल बाद मिला है। इसलिए वे केवल 'लेट फीस' (देरी से मिलने वाले शुल्क) को चुनौती देना चाहती हैं, क्योंकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।

एक अन्य यूजर ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा कि जर्मनी से लौटने के बाद उन्हें 10 हजार का चालान मिला था जो उन्होंने भर दिया था, लेकिन 1.5 लाख रुपये वाकई एक बहुत बड़ी रकम है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्विट्जरलैंड में ट्रैफिक जुर्माने पर ब्याज बहुत तेजी से बढ़ता है, इसलिए अगर पूरी रकम एक साथ नहीं दी जा सकती, तो अधिकारियों से किश्तों (Installments) में भुगतान करने का विकल्प मांगा जा सकता है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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