भारत-नेपाल बॉर्डर पर संदिग्ध पूर्व US सैनिक गिरफ्तार: बिना पासपोर्ट समुद्र के रास्ते भारत में घुसपैठ, जांच में जुटी खुफिया एजेंसियां

punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 12:02 AM (IST)

नेशनल डेस्क: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक संदिग्ध अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है। खुद को अमेरिकी स्पेशल फोर्स का पूर्व सैनिक बताने वाले इस शख्स को सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने उस समय दबोचा जब वह बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के नेपाल में घुसने की कोशिश कर रहा था।

ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
पकड़े गए आरोपी की पहचान कैलिफोर्निया (USA) निवासी जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई है। 11 जुलाई को सोनौली बॉर्डर पर जब SSB जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने भागने का प्रयास किया। हालांकि, वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षाकर्मियों की मदद की और उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।

बयानों में विरोधाभास: सुरक्षा एजेंसियां हैरान
पूछताछ के दौरान ब्राउन लगातार अपने बयान बदल रहा है, जिससे सुरक्षा और इंटेलिजेंस एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। ब्राउन का दावा है कि उसका पासपोर्ट थाईलैंड में चोरी हो गया था, जिसके बाद वह समुद्र के रास्ते श्रीलंका और फिर 2 नवंबर 2025 को भारत पहुंचा और गोवा में रहने लगा। एक अन्य बयान में उसने कहा कि वह दो महीने पहले सीधे अमेरिका से गोवा आया था और वहां 6 हफ्ते बिताने के बाद बेंगलुरु, लखनऊ और गोरखपुर होते हुए टैक्सी से सोनौली पहुंचा।

स्पेशल फोर्स का दावा और संदिग्ध गतिविधियां
ब्राउन ने अधिकारियों को बताया कि उसने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से पढ़ाई की है और वह 6 साल तक अमेरिकी सेना (US Military) में काम कर चुका है। उसने यह भी दावा किया कि उसने अक्टूबर 2024 में उत्तराखंड की एक महिला से इटली में शादी की थी, जो फिलहाल योगा इंस्ट्रक्टर है। पुलिस इन दावों की पुष्टि कर रही है।

पासपोर्ट-वीजा गायब, मिले सिर्फ मोबाइल और नकदी
गिरफ्तारी के समय ब्राउन के पास कोई भी सरकारी पहचान पत्र, पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला। तलाशी के दौरान उसके पास से 31,460 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। उसने दावा किया कि उसका पासपोर्ट बेंगलुरु में किसी परिचित के पास है, लेकिन वह किसी का भी सही नाम या पता नहीं दे पाया।

कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू
एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (महाराजगंज) सिद्धार्थ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सोनौली पुलिस स्टेशन में इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। भारत-नेपाल बॉर्डर की संवेदनशीलता और आरोपी के सैन्य बैकग्राउंड को देखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसकी इस संदिग्ध यात्रा का असली मकसद क्या था।

हालिया संदिग्ध घटनाएं
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले मणिपुर से अमेरिकी ड्रोन एक्सपर्ट मैथ्यू वैनडाइक को भी गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में NIA ने म्यांमार में उग्रवादियों को ट्रेनिंग देने के आरोप में भी कुछ विदेशी नागरिकों को पेश किया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।


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Content Writer

Pardeep

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