कलयुगी पिता ने अपनी ही बेटी को बनाया हवस का शिकार, पीड़िता ने बहन को दिया जन्म, कोर्ट ने...
punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 04:05 PM (IST)
Sonbhadra POCSO Court Verdict : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी की अस्मत लूटकर उसे गर्भवती कर दिया। इस शर्मनाक मामले में न्याय देते हुए पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने आरोपी पिता को आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहने की सजा सुनाई है।
रक्षक ही बना भक्षक: घर के अंदर का खौफनाक सच
मामला सोनभद्र का है जहां एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 15 साल की बेटी के साथ कई बार बलात्कार किया। रिश्तों को कलंकित करने वाली यह सच्चाई तब सामने आई जब पीड़िता सात महीने की गर्भवती हो गई। जब पीड़िता की हालत बिगड़ी तब परिजनों को भनक लगी। इसके बाद पीड़िता के चाचा ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता ने जिस बच्ची को जन्म दिया वह जैविक (Biologically) रूप से उसकी बहन है क्योंकि उसका पिता ही उस बच्ची का भी पिता है।
POCSO कोर्ट का कड़ा रुख: ₹1.50 लाख का जुर्माना
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पिता को दोषी करार दिया। अदालत ने अपराधी को ताउम्र कैद (उम्रकैद) की सजा सुनाई। दोषी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जो पिता अपनी संतान की रक्षा नहीं कर सकता और ऐसे जघन्य अपराध में लिप्त है वह समाज के लिए एक बड़ा खतरा है।
यूपी में बढ़ते ऐसे अपराध: एक और मामला
सोनभद्र जैसी ही एक और दुखद घटना उत्तर प्रदेश में सामने आई है। यहां एक 17 साल की नाबालिग लड़की को उसके अपने फूफा ने अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया जिससे वह 5 महीने की गर्भवती हो गई। पुलिस ने इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया है।
POCSO एक्ट और सर्वाइवर्स की सुरक्षा
ये घटनाएं याद दिलाती हैं कि बच्चों के लिए खतरा अक्सर बाहर नहीं बल्कि घर के भीतर ही मौजूद होता है। पॉक्सो एक्ट के तहत ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और कठोर सजा का प्रावधान है। कानून के तहत पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सहायता, मानसिक काउंसलिंग और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं ताकि वे इस आघात से उबर सकें।
