नेपाल में अचानक बाढ़ ने मचाई भारी तबाही: चश्मदीद ने कहा- आंखों के सामने पत्नी-बेटा बह गए, 1,300 से ज्यादा लापता
punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 01:37 PM (IST)
काठमांडू: नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाके में ग्लेशियर फटने से आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। भोटे कोशी नदी में आए इस भयानक जलप्रलय में कम से कम 165 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1,300 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि देखते ही देखते कई गाँव और बाज़ार पूरी तरह नक्शे से मिट गए।
इस विनाशकारी बाढ़ के बीच जिंदा बचे हुए एक व्यक्ति ने बताया, "सुबह प्रशासन के लोग आए और हमें बताया कि तिब्बत की तरफ़ भोटे कोशी नदी पर बना एक बांध टूट गया है और भारी मात्रा में पानी हमारी तरफ़ आ रहा है। हमें ऊंचे इलाकों की ओर भागने के लिए कहा गया।" उन्होंने आगे कहा कि बहुत कम लोग ही समय पर पहुंच पाए क्योंकि बाढ़ ने कुछ ही सेकंड में कई लोगों को बहा दिया। उन्होंने यह भी बताया कि उनका 18 साल का बेटा और पत्नी भी लापता हैं।
This video is almost too much to watch. Those rescuers pulling a tiny, mud-covered body from the wreckage… that was someone’s child. A little life that ended in seconds under a wall of water and debris.
— MemeTales (@MemeTalesStory) August 27, 2026
The families still waiting for news tonight must be living through the…
चश्मदीदों के मुताबिक, बाढ़ बिना किसी चेतावनी के आई। उस दिन इलाके में बारिश की कोई खबर नहीं थी और लोग अपने रोज़मर्रा के कामों में लगे थे, तभी अचानक पानी की एक विशाल लहर इलाके से टकराई।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि लापता लोगों में लगभग 300 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें से ज़्यादातर मानसरोवर तीर्थयात्री हैं। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में लापता लोगों की संख्या बढ़कर 558 हो गई है, जिससे लापता लोगों की कुल संख्या 1,300 से ज़्यादा हो गई है। आपदा की खबर आते ही भारत ने शुरुआती 10 टन मानवीय सहायता भेजी है।
