ग्रेटर नोएडा रे'प मामला: परी चौक से लिफ्ट देकर कश्मीरी गेट ले गए, चलती स्लीपर बस में छात्रा से दरिंदगी, दोनों आरोपी गिरफ्तार
punjabkesari.in Monday, Aug 31, 2026 - 11:33 AM (IST)
नोएडा: नोएडा में 16 साल की छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में कथित तौर पर बेरहमी से गैंग-रेप किया गया। बस राजधानी क्षेत्र में लगभग 47 किलोमीटर तक चली और बाद में आरोपियों ने उसे एक बड़े ट्रांजिट टर्मिनल के पास छोड़ दिया। यह घटना कथित तौर पर 4 अगस्त की रात कश्मीरी गेट इलाके में एक स्लीपर बस में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ़्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा है। 4 अगस्त की घटनाओं का ब्योरा देते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि छात्रा परिवार से अनबन के बाद बिना बताए घर से निकली थी और नोएडा में अपने कज़िन से मिलने जा रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के कारण छात्रा गलती से परी चौक पर उतर गई। तभी, एक खाली स्लीपर बस वहां से गुज़री। भारी बारिश में फंसी पीड़िता ने मदद के लिए बस को रुकने का इशारा किया और बस रुक गई। ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे बस में चढ़ने दिया और कहा कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। आरोप है कि बस के चलने के कुछ ही देर बाद, कंडक्टर ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने देर रात कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर पीड़िता को उतार दिया और मौके से भाग गए। डरी-सहमी छात्रा ने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तिमारपुर में बस पार्किंग लॉट से दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है और... अपराध में इस्तेमाल की गई स्लीपर बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बस में तकनीकी खराबी आने के बाद आरोपी उसे मरम्मत के लिए सूरजपुर के एक वर्कशॉप ले गए थे। पुलिस ने बताया कि देर रात के सफर के दौरान आरोपियों ने बस के अंदर लगे पर्दों का फायदा उठाकर अपराध को छिपाया। मरम्मत पूरी होने के बाद, ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, तभी परी चौक पर उन्हें वह छात्रा मिली। बस ने परी चौक से कश्मीरी गेट तक लगभग 47 किलोमीटर का सफर तय किया। चूंकि यह पर्दों वाली स्लीपर बस थी, इसलिए बाहर से गुजरने वाले लोग अंदर नहीं देख पाए। आगे की जांच जारी है।
