Share Market: शेयर बाजार धड़ाम! सेंसेक्स 1953 अंक टूटा, निफ्टी 580 अंक लुढ़का, मचा हाहाकार

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 10:41 AM (IST)

नेशनल डेस्कः गुरुवार, 19 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। कारोबार के शुरुआती मिनटों में ही सेंसेक्स लगभग 1950 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 74,751 के स्तर पर खुला। इसी तरह निफ्टी में भी करीब 525 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बैंक निफ्टी इंडेक्स 1400 अंकों से ज्यादा टूट गया।

सबसे बड़ा असर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का देखने को मिला। ईरान द्वारा कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल हमलों की खबरों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। इन हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका गहराई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 112–113 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो भारत जैसे आयातक देशों के लिए नकारात्मक संकेत है।

बैंक के शेयरों में 8–9 प्रतिशत की गिरावट

घरेलू स्तर पर भी बैंकिंग सेक्टर दबाव में रहा। HDFC बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे की खबर के बाद बैंक के शेयरों में 8–9 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जिसका असर पूरे बैंकिंग इंडेक्स पर पड़ा। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.50–3.75 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रखने का फैसला भी निवेशकों को निराश कर गया। इस सख्त रुख से विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ने की आशंका है, जिससे बाजार में और कमजोरी आई।

वैश्विक बाजारों में भी नकारात्मक रुख देखने को मिला। एशियाई शेयर बाजारों में जापान का निक्केई करीब 2.5 प्रतिशत और टॉपिक्स लगभग 1.8 प्रतिशत गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.6 प्रतिशत और कोस्डैक करीब 1.7 प्रतिशत नीचे रहा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी लगभग 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।

इससे पहले, 18 मार्च को अमेरिकी बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 768 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ, जबकि S&P 500 और Nasdaq में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इसकी प्रमुख वजहें फेड की ब्याज दर नीति और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रहीं। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत तक की तेजी आई है। WTI क्रूड करीब 99 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर से ऊपर पहुंच गया है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका और तेज हो गई है, जिसका असर शेयर बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है।


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Content Editor

Sahil Kumar

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