लोकसभा सीट में 50 प्रतिशत की वृद्धि से दक्षिण, पूर्वोत्तर और पश्चिम के राज्यों को नुकसान: कांग्रेस
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 11:18 AM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अगर महिला आरक्षण लागू करने की पृष्ठभूमि में प्रादेशिक स्तर पर लोकसभा की कुल सीट में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है तो यह न्यायसंगत नहीं होगा, क्योंकि इससे दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर के उन छोटे राज्यों को संख्याबल का नुकसान होगा। विपक्षी दल के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि दक्षिणी राज्यों को 66 सीट का फायदा होगा जबकि उत्तरी राज्यों को 200 सीट का फायदा होगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री पहले ही चेतावनी दे चुके हैं। इस प्रस्ताव के आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक हो जाने पर अन्य मुख्यमंत्री भी ऐसा कर सकते हैं। रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट कर दावा किया, ''मोदी सरकार लोकसभा का आकार 50 प्रतिशत बढ़ाने के लिए एक विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव कर रही है।
The Modi Govt is proposing to bulldoze a Bill to increase the size of the Lok Sabha by 50%. The number of seats allocated to each state is also proposed to be increased by 50%.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 1, 2026
The argument that a 50% increase in seats across-the-board is equitable is deceptive. Proportions may…
प्रत्येक राज्य को आवंटित सीट की संख्या में भी 50 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव है।'' उन्होंने कहा, ''यह तर्क देना भ्रामक है कि कुल सीट में 50 प्रतिशत की वृद्धि न्यायसंगत है।'' कांग्रेस नेता ने कहा कि अनुपात फिलहाल नहीं बदल सकता है लेकिन इसके गहरे निहितार्थ हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

रमेश ने कहा, ''लोकसभा में विभिन्न राज्यों के मौजूदा संख्याबल के अंतर में किसी भी तरह की वृद्धि से दक्षिण भारतीय राज्यों को नुकसान होगा।'' उन्होंने कहा, ''उदाहरण के लिए वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 80 सीट हैं और तमिलनाडु में 39 सीट हैं। प्रस्तावित विधेयक के साथ, उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट की संख्या बढ़कर 120 हो जाएगी जबकि तमिलनाडु में अधिकतम 59 सीट हो पाएंगी।

इसी तरह, केरल में लोकसभा की 20 सीट बढ़कर 30 हो जाएंगी, जबकि बिहार में 40 से बढ़कर 60 सीट हो जाएंगी। कुल मिलाकर, दक्षिणी राज्यों को 66 सीट का फायदा होगा जबकि उत्तरी राज्यों को 200 सीट का फायदा होगा।'' रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी एकतरफा कानून तैयार कर रहे हैं जिससे दक्षिण, पूर्वोत्तर और पश्चिम के छोटे राज्यों को नुकसान होगा।
