सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को हमारी संसदीय समिति में चर्चा के एक विषय के तौर पर चुना गया है : दुबे
punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 07:24 PM (IST)
नेशनल डेस्क : भारत में सेवा शुरू करने के लिए स्टारलिंक कंपनी को सरकारी मंजूरी मिलने में हो रही देरी पर एलन मस्क के बयानों को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच एक संसदीय समिति ने आने वाले दिनों में विस्तार से जांच के लिए सैटेलाइट इंटरनेट को अहम विषयों में से एक के तौर पर चुना है। मस्क की स्टारलिंक के अलावा 'यूटेलसैट वनवेब' और 'जियो सैटेलाइट' ने भी देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति मांगी है।
जियो सैटकॉम, रिलायंस जियो की उपग्रह संचार सेवा से जुड़ी कंपनी है, जबकि 'यूटेलसैट वनवेब' को भारती समूह का समर्थन प्राप्त है, जो देशभर में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनी एयरटेल का संचालन करता है। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि समिति ने बारीकी से जांच के लिए सैटेलाइट इंटरनेट को विषयों में से एक के तौर पर चुना है। समिति की बैठक के बाद दुबे ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''हम आने वाले दिनों में अपनी बैठक में सैटेलाइट इंटरनेट के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।''
STORY | Satellite internet selected as subject for discussion: Par panel chief Nishikant Dubey A Parliamentary panel has selected satellite internet as one of the key subjects for a threadbare examination in the coming days, amid the ongoing row over Elon Musk's remarks on the delay in the government's approval of his company Starlink to launch the service in India. Musk's Starlink, along with Eutelsat OneWeb and Jio Satellite, have applied for permission to start satellite internet service in the country. Jio Satcom is Reliance Jio's satellite venture, while Eutelsat OneWeb is backed by Bharti, which runs the pan-India mobile and internet network, Airtel. BJP MP Nishikant Dubey, who is the chairman of the Parliamentary Standing Committee on Communications and Information Technology, said the panel has selected satellite internet as one of the subjects for close examination. READ: https://t.co/wEmeyjIiQm @nishikant_dubey
— Press Trust of India (@PTI_News) October 14, 2026
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मस्क ने आरोप लगाया है कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए स्टारलिंक के प्रवेश में शक्तिशाली कारोबारी हित बाधा डाल रहे हैं। पिछले हफ़्ते 'एक्स' पर पोस्ट में मस्क ने 'रिलायंस इंडस्ट्रीज' के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर निशाना साधा था। उन्होंने तंज कसते हुए उन्हें 'प्रधानमंत्री अंबानी' कहा था और सवाल उठाया कि क्या भारत के फैसलों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ज़्यादा उनका असर है।
मस्क ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ औद्योगिक समूह भारतीय ग्राहकों पर अपना 'एकाधिकार वाला दबदबा' बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि, संचार मंत्रालय ने इस आरोप को खारिज कर दिया है तथा विनायमकीय ढांचे या उसके लागू होने के तरीके को अनुचित या भेदभावपूर्ण बताने वाले सुझावों को 'बेबुनियाद' और 'गलतफहमी पर आधारित' बताया है।
सरकार ने कहा कि देश में वाणिज्यिक सेवा शुरू करने से पहले सैटेलाइट संचालकों को सुरक्षा शर्तों और स्पेक्ट्रम आवंटन के नियमों सहित सभी विनायमकीय ज़रूरतों को पूरा करना होगा। सरकार का कहना है कि तीन संचालकों – स्टारलिंक, यूटेलसैट वनवेब और जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस – मंजूरी की प्रक्रिया में मोटे तौर पर एक ही चरण में हैं तथा वाणिज्यिक सेवा शुरू करने से पहले ये तीनों सुरक्षा मंज़ूरी और स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतज़ार कर रहे हैं।
