सहारनपुर में बड़ा हादसा: Delhi-Dehradun एक्सप्रेसवे पर गिरा पिलर, 2 मजदूर दबे
punjabkesari.in Monday, Mar 24, 2025 - 10:15 AM (IST)

नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे के एक पिलर के गिरने से दो मजदूर इसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर पुलिस और रेस्क्यू टीम पहुंची और दोनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों मजदूरों को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है।
हादसे का कारण और मजदूरों की चोटें
देवबंद के क्षेत्राधिकारी रविकांत पाराशर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान एक पिलर को मशीन की मदद से एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा रहा था तभी पिलर गिर गया। इस घटना में दोनों मजदूरों के पैरों में चोटें आई हैं जिनमें से एक मजदूर का पैर फ्रैक्चर हो गया है।
दिल्ली–देहरादून निर्माणाधीन हाईवे पर सहारनपुर जिले में भारी–भरकम पिलर गिरा, कई मजदूरों के दबने की सूचना, बचाव–राहत कार्य जारी। pic.twitter.com/UNYuRRQjzQ
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) March 23, 2025
एनएचएआई का बयान
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल पिलर के नीचे कोई मजदूर दबा नहीं है। रेस्क्यू टीम ने दोनों मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया और उनका इलाज किया जा रहा है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के महत्व के बारे में
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे एक महत्वपूर्ण परियोजना है जो दिल्ली को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेस-वे 210 किमी लंबा होगा जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर केवल 2.5 घंटे रह जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से दिल्ली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देहरादून को आपस में जोड़ा जाएगा।
#Saharanpur A pillar of the under-construction Delhi-Dehradun Expressway collapsed near Mora village, trapping 6-7 workers. Rescue operations are underway, with several workers rescued so far. #BreakingNews @digsaharanpur #Dehradunexpressway pic.twitter.com/GvRdGsf5bN
— Monu Lodhi 🇮🇳 (@monu_lodh) March 23, 2025
निर्माण की लागत और लाभ
इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में कुल 2423 करोड़ रुपये की लागत आई है और यह 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है। एक्सप्रेस-वे से पर्यटन और उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलेगा साथ ही ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसे ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों तकनीकों से बनाया जा रहा है और पूरे एक्सप्रेस-वे के किनारे सौर ऊर्जा प्रणाली और वृक्षारोपण की योजना बनाई गई है।
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
वहीं कहा जा सकता है कि यह एक्सप्रेस-वे इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से भी लैस होगा जो सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगा। इस प्रकार एक्सप्रेस-वे ना केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा बल्कि दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद करेगा।