Bihar Politics: लालू युग के बाद तेजस्वी की ताजपोशी? RJD बैठक से पहले सियासी सरगर्मी तेज
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 09:07 PM (IST)
नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर बड़े सियासी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक रविवार, 25 जनवरी 2026 को पटना स्थित होटल मौर्य में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संगठन से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लग सकती है। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (Working President) बनाया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव की लगातार बिगड़ती सेहत और कानूनी व्यस्तताओं को देखते हुए पार्टी अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बैठक में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, अब्दुल बारी सिद्दीकी समेत कई वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।
इससे पहले शनिवार को कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर तेजस्वी यादव पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के विचारों को याद करते हुए मौजूदा हालात पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। तेजस्वी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का सपना आज भी अधूरा है। राज्य में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन लगातार बढ़ रहा है, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाली के दौर से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो उद्योग विकसित हो पाए और न ही युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर बने।
तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ NDA पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले दो दशकों से वही ताकतें सत्ता में हैं, जो कभी कर्पूरी ठाकुर की नीतियों का विरोध करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन लोकतंत्र को कमजोर करने और सामाजिक सौहार्द को तोड़ने की कोशिश कर रहा है। चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया गया और चुनावी प्रक्रिया को धन और मशीनों के सहारे प्रभावित किया गया, इसके बावजूद पार्टी को करोड़ों लोगों का समर्थन मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद पार्टी ने संयम बरतते हुए लंबा समय खामोशी से बिताया, लेकिन अब सरकार को अपने वादों को जमीन पर उतारना चाहिए। तेजस्वी ने दोहराया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं के लिए रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े वादों को पूरा किया जाना चाहिए।
आरजेडी की यह बैठक और तेजस्वी यादव के बयान राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी अब संगठनात्मक मजबूती के साथ आने वाले चुनावी मुकाबले के लिए खुद को तैयार कर रही है।
