हॉल नहीं मिला तो पार्क में मीटिंग करने लगे अभिजीत दीपके, भड़के सोसायटी वाले बोले- इसे धरना स्थल नहीं बनने दिया जाएगा
punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 01:57 PM (IST)
अभिजीत दीपके: CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने बीते दिन ऐलान किया था कि दिल्ली में जंतर- मंतर सीजन 2 शुरु किया जाएगा। इसे लेकर एक मीटिंग बुलाई गई थी, जो अब विवाद का विषय बन गई है। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके और उनकी टीम को एक लोकर पार्क में बैठकर मीटिंग करने पर विरोध का सामना करना पड़ा। दिल्ली में 'जंतर-मंतर सीजन-2' की तैयारियों को लेकर बुलाई गई एक बैठक विवादों में घिर गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा, जिसके बाद आयोजकों को वहां से जाना पड़ा।
दीपके बोले- उन्हें कोई हॉल नहीं मिला
इस मामले में दीपके का कहना है कि वे दिल्ली अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के लिए जगह ढूंढ रहे थे, लेकिन उन्हें कोई हॉल नहीं मिला। उनका ऐसा आरोप था कि राजनीतिक दबाव के कारण कोई भी बुकिंग नहीं मिल रही थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि एडवांस बुकिंग के बावजूद भी उनकी बुकिंग अंतिम समय में कैंसिल कर दी गई और आयोजकों को धमकियां दी गई थी।
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CJP लीडर अभिजीत दीपके एक पार्क में अपने वॉलंटियर्स के साथ मीटिंग करने के लिए पहुंचे थे लेकिन इस दौरान स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया और उन्हें पार्क से जाने को कहा. इस दौरान CJP और स्थानीय लोगों के बीच बहस हुई.
— Versha Singh (@Vershasingh26) August 13, 2026
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाते हुए कहा- हॉल के मालिकों को धमकाया गया… pic.twitter.com/VFqD2cyXIp
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सोसाइटी पार्क में नारेबाजी पर भड़के लोग
किसी बंद कमरे में जगह न मिलने पर टीम ने एक रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क में ही समर्थकों के साथ चर्चा शुरू कर दी। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी होने पर सोसाइटी के निवासी मौके पर एकत्र हो गए। निवासियों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए स्पष्ट किया कि सोसाइटी का पार्क सार्वजनिक उपयोग और निवासियों के लिए है, इसे किसी भी तरह के धरने या राजनीतिक प्रदर्शन का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। विवाद बढ़ने पर पुलिस की उपस्थिति में दीपके अपने सहयोगियों के साथ वहां से चले गए।
शिक्षा के मुद्दे पर 'लिसनिंग टूर' का किया ऐलान
इस पूरे मामले में CJP प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि पार्टी जल्द ही लोगों की मुश्किलों को समझने के लिए लिसनिंग टूर शुरु करेगी। इसके लिए 15 अगस्त के मौके पर सरकारी स्कूलों की स्थिति और व्यवस्थाओं पर सोशल ऑडिट करने की योजना बनाई गई है, जिसमें आम नागरिकों और अभिभावकों की भागीदारी का आह्वान किया गया है।
