Polymer Currency:​​​​​​​ देश में जल्द दिखेंगे प्लास्टिक के नोट, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का पॉलीमर करेंसी पर दिया ये बड़ा बयान

punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 04:29 PM (IST)

 

नेशनल डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने पॉलीमर करेंसी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। संजय ने कहा केंद्रीय बैंक भारत में कागजी नोटों की जगह पॉलीमर (प्लास्टिक) के करेंसी नोट पेश करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसी के साथ उन्होंने यह भी साफ किया है कि यह योजना अभी अपने शुरुआती चरण में है। 

2012 में भी किया गया था ट्रायल

जानकारी के लिए बता दें कि देश में साल 2012 में 5 शहरों जयपुर, कोच्चि, शिमला, मैसूर और भुवनेश्वर में 10 रुपये के प्लास्टिक नोटों का एक पायलट प्रोजेक्ट (टेस्ट) शुरू किया था। उस समय पर ATM और नोट गिनने वाली मशीनों में तकनीकी दिक्कतें आने के कारण इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था।

क्या होती है पॉलीमर करेंसी?

 पारंपरिक कागजी नोट कपास से तैयार किए जाते हैं, जबकि पॉलीमर नोट एक पतले और लचीले प्लास्टिक सबस्ट्रेट से बनते हैं। इसे BOPP (Bi-axially Oriented Polypropylene) कहा जाता है। इन्हें कागजी नोट की तरह आसानी से मोड़ा जा सकता है और जेब में रखा जा सकता है।

पॉलीमर करेंसी की खासियत

आरबीआई का इस तकनीक की ओर झुकाव होने के पीछे कई मुख्य कारण हैं:

  • कागजी नोटों के कंपेरिजन में ये ज्यादा देर तक चलते हैं।  
  • यह नोट साफ- सुथरे होते हैं यानि की इन पर नमी, पानी या गंदगी का कोई असर नहीं होता, जिससे ये साफ-सुथरे बने रहते हैं।
  • लंबी उम्र के कारण इन्हें बार-बार छापने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे सरकार और आरबीआई का छपाई खर्च कम होता है।

दुनिया के कई देशों में है इसका चलन

भारत से पहले ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और रोमानिया में ये प्लास्टिक मुद्रा सफलतापूर्वक चल रही है।   

 


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News Editor

Radhika

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