रतन टाटा की करोड़ों की जायदाद का बंटवारा, 6 महीने में होगा पूरा; जानें किसे मिलेगा कितना हिस्सा
punjabkesari.in Tuesday, Apr 01, 2025 - 03:51 PM (IST)

नेशनल डेस्क: रतन टाटा, भारतीय उद्योग के मशहूर शख्सियत, जिन्होंने अपनी मेहनत और दूरदृष्टि से टाटा समूह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, अब उनके गुजरने के बाद उनकी करोड़ों की संपत्ति का बंटवारा खबरों में बना हुआ है। टाटा ग्रुप के मालिक रतन टाटा का निधन 9 अक्टूबर 2024 को हुआ था, लेकिन उनकी संपत्ति का बंटवारा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके पीछे की वजह यह है कि इस प्रक्रिया में कानूनी पहलू शामिल हैं, जो अभी पूरी तरह से सुलझने में वक्त ले रहे हैं। जानिए रतन टाटा की 3800 करोड़ रुपए की संपत्ति का बंटवारा कैसे होगा और किसे-कितना हिस्सा मिलेगा। रतन टाटा की कुल संपत्ति लगभग 3800 करोड़ रुपये मानी जा रही है, जिसमें टाटा संस के शेयर, प्रॉपर्टीज और अन्य निवेश शामिल हैं। इसके अलावा, रतन टाटा की पर्सनल संपत्तियों में 65 लक्जरी घड़ियों का संग्रह भी है, जिनमें प्रमुख ब्रांड्स जैसे बुल्गारी, पाटेक फिलिप, टिसोट और ऑडेमर्स पिगुएट शामिल हैं। उनकी संपत्ति में से एक महत्वपूर्ण हिस्सा विदेशी प्रॉपर्टीज और शेयरों का है। इनमें सेशेल्स में प्रॉपर्टी, वेल्स फार्गो और मॉर्गन स्टेनली के बैंक अकाउंट्स, एल्कोआ कॉर्प और हाउमेट एयरोस्पेस के शेयर शामिल हैं। रतन टाटा की यह संपत्ति उन लोगों के लिए भी महत्व रखती है, जिन्होंने उनके साथ काम किया और जो उनके करीबी दोस्त रहे।
रतन टाटा ने अपनी संपत्ति दान में दी
रतन टाटा ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा समाज सेवा के लिए दान कर दिया था। उन्होंने अपनी संपत्ति का हिस्सा रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट को देने का निर्णय लिया, ताकि इन फंड्स का उपयोग धर्म और समाज सेवा के कार्यों के लिए किया जा सके। यह उनके जीवनभर के मानवीय कार्यों का हिस्सा था, जो उन्होंने हमेशा समाज की भलाई के लिए किए।
सौतेली बहनों को मिला बड़ा हिस्सा
रतन टाटा ने अपनी संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा अपनी सौतेली बहनों, शिरीन जीजी भॉय और दीना जीजी भॉय को दिया है। इसमें एफडी, स्टॉक्स और 800 करोड़ रुपये की कीमती वस्तुएं शामिल हैं। यह हिस्सा रतन टाटा के परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही, उनके 82 वर्षीय भाई जिमी नवल टाटा को भी संपत्ति का कुछ हिस्सा मिला है, जिसमें जुहू स्थित बंगला, चांदी के सामान और कुछ आभूषण शामिल हैं।
मोहिनी दत्ता और मेहली मिस्त्री को भी हिस्सा
रतन टाटा की संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा उनकी टाटा समूह की पूर्व कर्मचारी मोहिनी दत्ता को भी दिया गया है। उन्हें रतन टाटा का करीबी दोस्त माना जाता था। इसके अलावा, रतन टाटा के करीबी साथी मेहली मिस्त्री को अलीबाग में स्थित रतन टाटा की संपत्ति और तीन बंदूकें मिली हैं, जिनमें 0.25 बोर की पिस्तौल भी शामिल है।
पालतू जानवरों के लिए 12 लाख रुपये का प्रावधान
रतन टाटा ने अपनी संपत्ति में पालतू जानवरों के लिए भी एक खास प्रावधान किया था। उन्होंने अपने पालतू जानवरों के लिए 12 लाख रुपये अलग से रखे हैं, जिससे उनकी देखभाल की जाएगी। हर तीन महीने में 30,000 रुपये पालतू जानवरों की देखभाल में खर्च होंगे। इसके साथ ही, रतन टाटा के कार्यकारी सहायक शांतनु नायडू और उनके पड़ोसी जेक मालिटे को भी शिक्षा लोन का माफ किया गया था, जिसे रतन टाटा ने पूरी तरह से माफ कर दिया है।
बंटवारे में लगेंगे 6 महीने: प्रोबेट प्रक्रिया
रतन टाटा की संपत्ति का बंटवारा पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही होगा। रतन टाटा ने अपनी संपत्ति की प्रोबेट के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। प्रोबेट एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके जरिए संपत्ति की वैधता को कोर्ट द्वारा स्वीकार किया जाता है। इस प्रक्रिया में लगभग 6 महीने का समय लग सकता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संपत्ति का बंटवारा सही तरीके से किया जाए।
विदेशी संपत्तियों और आरएनटी की जिम्मेदारी
रतन टाटा की विदेशी संपत्तियों का भी ब्यौरा दिया गया है। उनकी संपत्ति में सेशेल्स में एक प्रॉपर्टी और कई विदेशी बैंक अकाउंट्स शामिल हैं। इसके साथ ही, उनकी कंपनी आरएनटी एसोसिएट्स की संपत्ति और दायित्व सिंगापुर स्थित आरएनटी एसोसिएट्स सिंगापुर को सौंप दिए गए हैं। इन कंपनियों की देख-रेख के लिए आर वेंकटरमन और पैट्रिक मैकगोल्ड्रिक को जिम्मेदारी सौंपी गई है