एक ही शरीर पर 2 सिर और 4 आंखें, गुजरात के दाहोद में मिला दो मुंह वाला सांप

punjabkesari.in Wednesday, Oct 07, 2026 - 06:03 PM (IST)

नेशनल डेस्क : गुजरात के दाहोद जिले में एक बेहद दुर्लभ दो सिर वाला सांप मिलने से वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है। धानपुर तालुका के अगसवानी गांव स्थित एक खेत में करीब 6 इंच लंबा सांप का बच्चा मिला, जिसे दाहोद प्रकृति मित्र मंडल की टीम ने रेस्क्यू किया है। प्रारंभिक पहचान के मुताबिक, यह एक वुल्फ स्नेक है, जो गैर-विषैला होता है।

एक ही शरीर पर दो सिर और चार आंखें

रेस्क्यू किए गए सांप की सबसे खास बात यह है कि इसके एक ही शरीर पर दो अलग-अलग सिर हैं। वैज्ञानिक भाषा में इस स्थिति को बाईसेफली (Bicephaly) कहा जाता है। इसमें एक ही शरीर के साथ दो सिर विकसित हो जाते हैं और दोनों सिरों में अलग-अलग मस्तिष्क तथा तंत्रिका तंत्र का विकास हो सकता है। स्थानीय लोगों ने सांप को खेत में देखने के बाद इसकी सूचना दाहोद प्रकृति मित्र मंडल को दी। सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

लाखों में एक जीव में देखी जाती है ऐसी असामान्यता

विशेषज्ञों के मुताबिक, दो सिर वाला जीव विकसित होना बेहद दुर्लभ प्राकृतिक घटना है। माना जाता है कि भ्रूण के विकास के दौरान होने वाली आनुवंशिक या विकासात्मक असामान्यता के कारण ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। दो सिर होने के कारण ऐसे जीवों के सामने भोजन करने, दिशा तय करने और खतरे पर प्रतिक्रिया देने जैसी गतिविधियों में आपसी समन्वय की समस्या आ सकती है। यही वजह है कि दो सिर वाले कई जीव सामान्य परिस्थितियों में लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाते।

गुजरात में पहली बार सामने आने का दावा

दाहोद प्रकृति मित्र मंडल के अनुसार, दाहोद जिले में इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है। विशेषज्ञों के हवाले से इसे गुजरात में अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है। वहीं, भारत में इससे पहले दो सिर वाले कोबरा और वुल्फ स्नेक के मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। रेस्क्यू किए गए सांप की उम्र करीब एक वर्ष बताई जा रही है। फिलहाल उसकी सुरक्षा और उचित देखभाल के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

गैर-विषैला है वुल्फ स्नेक

वुल्फ स्नेक को गैर-विषैला सांप माना जाता है। इसलिए इसके जहरीले सांप की तरह जानलेवा होने का खतरा नहीं होता। हालांकि, दो सिर वाला यह असामान्य नमूना बेहद दुर्लभ होने के कारण वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए विशेष रुचि का विषय बना हुआ है।


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News Editor

Parveen Kumar

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