Rajya Sabha Elections: कांग्रेस ने 7 उम्मीदवारों के नामों का किया ऐलान, खरगे और पवन खेड़ा कर्नाटक से मैदान में
punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 10:37 PM (IST)
नई दिल्ली: कांग्रेस आलाकमान ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने सात उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बार न केवल अपने वफादारों को इनाम दिया है, बल्कि राहुल गांधी की पसंद का भी पूरा ख्याल रखा है। सूची में सबसे बड़ा नाम खुद मल्लिकार्जुन खरगे का है, जो कर्नाटक से एक बार फिर उच्च सदन का रुख करेंगे।
पवन खेड़ा का 'वनवास' खत्म, 'तपस्या' लाई रंग
पार्टी ने अपने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा को कर्नाटक से राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया है। राजस्थान के मूल निवासी और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के खास रहे खेड़ा पिछले लंबे समय से पार्टी के लिए फ्रंटफुट पर मोर्चा संभाल रहे थे। असम में कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे खेड़ा के लिए पार्टी का यह फैसला उनकी "तपस्या" के फल के रूप में देखा जा रहा है।

राहुल ब्रिगेड की एंट्री: नटराजन और चक्रवर्ती को मिला मौका
कांग्रेस की इस सूची में राहुल गांधी की छाप साफ नजर आ रही है। मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन और तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया गया है, जिन्हें राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है। प्रवीण चक्रवर्ती, जो प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, उनकी उम्मीदवारी को तमिलनाडु में विजय की पार्टी 'TVK' के समर्थन से बड़ा बल मिला है। वहीं, खरगे के मीडिया सलाहकार प्रणव झा को झारखंड से चुनावी मैदान में उतारा गया है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का 'मास्टरस्ट्रोक'
खरगे ने उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक न्याय का भी ध्यान रखा है। इन सात नामों में से 4 उम्मीदवार अगड़ी जाति से, 2 दलित और 1 अल्पसंख्यक समुदाय (मंसूर अली खान) से ताल्लुक रखते हैं। कर्नाटक में संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस चार में से तीन सीटें आसानी से जीत सकती है।
नामांकन से लेकर मतदान तक का पूरा कार्यक्रम:
- नामांकन की आखिरी तारीख: 8 जून।
- नामांकन पत्रों की जांच: 9 जून।
- मतदान और मतगणना: 18 जून।
कल यानी शुक्रवार को मल्लिकार्जुन खरगे बेंगलुरु में अपना नामांकन दाखिल करेंगे, जहां खुद राहुल गांधी उनकी हौसला अफजाई के लिए मौजूद रहेंगे। झारखंड में भी खरगे ने खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात कर अपनी दावेदारी मजबूत की है। अब देखना यह होगा कि 18 जून को आने वाले नतीजे कांग्रेस की इस नई टीम के लिए कितने सुखद रहते हैं।
