राजस्थान: कोटा में गिरी तीन मंजिला बिल्डिंग, 2 लोगों की मौत; राहत-बचाव अभियान जारी
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 05:28 AM (IST)
नेशनल डेस्कः राजस्थान के कोटा में शनिवार देर रात एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हुआ। शहर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग मलबे में बदल गई। हादसा इतना गंभीर था कि मलबे में दबकर दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रातभर और अगले दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा, क्योंकि आशंका थी कि मलबे में और लोग फंसे हो सकते हैं।
डिविजनल कमिश्नर ने क्या बताया?
कोटा डिविजनल कमिश्नर अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा कि अब तक दो मौतों की पुष्टि हुई है। 13 लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग के ऊपर कुछ नया निर्माण (कंस्ट्रक्शन) चल रहा था, जो नीचे गिर गया। यह हादसा खराब निर्माण गुणवत्ता या लापरवाही की वजह से हो सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पास में ड्रिलिंग का काम चल रहा था और पहले भी इसकी शिकायत की गई थी। हादसे के कारणों की तकनीकी जांच (Technical Investigation) की जाएगी और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का बयान
राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि कुल 15 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से दो की मौत हो गई। बाकी लोगों का इलाज किया गया, जिनमें से अधिकतर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पांच लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। सरकार एक जांच कमेटी बनाएगी, जो हादसे के कारणों की जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसा हादसा न हो।
जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने क्या कहा?
कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। NDRF, SDRF और फायर डिपार्टमेंट मिलकर बचाव कार्य कर रहे हैं। अब तक 10 लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया है। बचाए गए ज्यादातर लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है।मौके पर पहले एक मौत की सूचना मिली थी, बाद में कुल दो मौतें कन्फर्म हुईं। गिरी हुई बिल्डिंग में नीचे की मंजिल पर एक कैफे/फूड आउटलेट चल रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि पास की एक पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा था, जिससे नींव कमजोर हो सकती है।फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी; पूरी जांच के बाद ही कारण साफ होंगे।
