रांची-टाटा हाईवे पर सरेआम खौफ का तांडव : महिलाओं का कई KM तक पीछा, कार पर पथराव, पूर्व CM ने सोरेन सरकार को घेरा
punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 06:13 AM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रांची-टाटा हाईवे पर दशम फॉल इलाके में स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने तीन महिलाओं की कार का कई किलोमीटर तक पीछा किया और जमकर गुंडागर्दी की। इस घटना ने प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
टक्कर के बाद शुरू हुआ 'मौत का पीछा'
जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन महिलाएं जब मंगलवार दोपहर सूर्य मंदिर के पास पहुंचीं, तो एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (JH-01-GH-4141) ने उनकी कार को टक्कर मार दी। विरोध करने पर आरोपी बदसलूकी करने लगे। जान बचाने के लिए महिलाएं वहां से निकलीं, तो आरोपियों ने पीछा शुरू कर दिया। अंततः रास्ता रोककर कार पर पथराव किया गया, जिससे कार का शीशा टूट गया और चालक रणवीर सिंह घायल हो गए।
25 मिनट की देरी से पहुंची पुलिस, आरोपी फरार
हैरानी की बात यह है कि पीड़ित महिलाओं ने दोपहर 12:33 बजे 'डायल-100' पर मदद मांगी थी, लेकिन दशम फॉल थाना प्रभारी घटना के 25 मिनट बाद (12:58 बजे) वहां पहुंचे। तब तक आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। हालांकि, बाद में वीडियो के आधार पर पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर राजकुमार महतो और सोयब रजा नामक आरोपियों को थाने तलब किया है।
रांची के दशम फॉल क्षेत्र से लेकर हाईवे तक महिलाओं की गाड़ी का कई किलोमीटर तक पीछा कर उनके साथ बदसलूकी किए जाने की घटना बेहद भयावह और चिंताजनक है। सबसे गंभीर बात यह है कि महिलाओं द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर पुलिस सहायता के लिए नहीं पहुंची।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 8, 2026
मुख्यमंत्री श्री… pic.twitter.com/s9YR36Nl04
बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला: 'निवेशक कैसे करेंगे भरोसा?'
इस घटना को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सवाल पूछा कि जब मुख्यमंत्री दिल्ली में निवेशकों को बुलाने में व्यस्त हैं, तो ऐसी लचर कानून-व्यवस्था पर कोई निवेशक झारखंड कैसे आएगा? मरांडी ने पर्यटन स्थलों पर पुलिस की अनुपस्थिति को सरकार की बड़ी विफलता करार दिया है।
खोखले निकले 10 मिनट में पुलिस पहुंचने के वादे
घटना के दौरान सूर्य मंदिर से दशम फॉल तक कहीं भी हाइवे पेट्रोलिंग टीम नजर नहीं आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल वीआईपी मूवमेंट तक ही सिमट कर रह गई है। 10 मिनट के भीतर पुलिस मदद पहुंचने के सरकारी वादे इस घटना के बाद पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने क्षेत्र के 'अंदरूनी' होने को पुलिस की देरी का कारण बताया है।
