बांकीपुर जीते प्रशांत किशोर का रणनीतिकार से नेता तक का सफर, जानिए PK की पूरी कहानी
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 06:15 PM (IST)
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा जाने से पहले खाली की थी। 31 साल और नौ चुनावों के बाद भाजपा को यहां पहली बार हार का सामना करना पड़ा है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एक भी सीट न जीतने वाली जन सुराज पार्टी ने पहली बार जीत का स्वाद चखा है।
शुरुआती जीवन और शिक्षा
प्रशांत किशोर जिन्हें सियासी गलियारों में पीके कहा जाता है. उनका जन्म 20 मार्च 1977 को बिहार के सासाराम जिले के कोनार गांव में हुआ। उनके पिता श्रीकांत पांडेय चिकित्सक थे और मां सुशीला पांडेय गृहिणी थीं। शुरुआती शिक्षा बक्सर में हुई, बाद में वे हैदराबाद चले गए। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बैचलर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) और जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (अमेरिका) तथा हिंदुजा अस्पताल के सहयोग से ASCI हैदराबाद से हेल्थकेयर मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की। उनकी पत्नी जाह्नवी दास असम से ताल्लुक रखने वाली चिकित्सक हैं।
राजनीति से पहले का सफर
राजनीति में आने से पहले प्रशांत किशोर ने आठ साल तक संयुक्त राष्ट्र द्वारा वित्तपोषित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में काम किया। वे अफ्रीकी देश चाड में यूनिसेफ में सामाजिक नीति और योजना के प्रमुख रहे। 2011 में उन्होंने भारत में आर्थिक समृद्धि और कुपोषण पर एक रिसर्च पेपर तैयार किया, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजा गया। इसी रिपोर्ट ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान खींचा।
राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में पहचान
मोदी से मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उनके अभियान से जुड़े। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के सफल अभियान के बाद उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय राजनीतिक सलाहकारों में गिना जाने लगा।
औपचारिक तौर पर राजनीति में प्रवेश
2018 में उन्होंने औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखा। 16 सितंबर 2018 को वे नीतीश कुमार की जदयू में शामिल हुए और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए। लेकिन 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के मुद्दे पर मतभेद के बाद उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकाल दिया गया।
जन सुराज पार्टी का गठन
प्रशांत किशोर ने अपनी राजनीतिक राह खुद तय करने का फैसला किया। उन्होंने जन सुराज पार्टी (JSP) का गठन किया। पार्टी का फोकस बिहार में व्यवस्था परिवर्तन और जमीनी स्तर पर राजनीतिक बदलाव लाने पर रहा। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कोई सीट नहीं जीती, लेकिन बांकीपुर उपचुनाव में उतरकर उन्होंने भाजपा के मजबूत गढ़ को चुनौती दी और जीत हासिल की। बांकीपुर की यह जीत न सिर्फ जन सुराज पार्टी के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि प्रशांत किशोर के राजनीतिक सफर में भी एक नया अध्याय है। रणनीतिकार से मैदान में उतरे नेता तक का उनका सफर बिहार सहित देश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
