कर्नाटक में तीन तमिल युवकों की मौ''त पर सियासत तेज, विजय ने कहा- यह मुठभेड़ नहीं, नरसंहार; न्यायिक जांच की मांग
punjabkesari.in Sunday, Aug 16, 2026 - 11:16 PM (IST)
बेंगलुरु/चेन्नई: कर्नाटक के चामराजनगर जिले में स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में 15 अगस्त 2026 की तड़के तीन तमिल मूल के लोगों की वन विभाग की गोलीबारी में मौत के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे "नरसंहार" (massacre) करार दिया है और मामले की गहन जांच की मांग की है।
கர்நாடகாவின் சாம்ராஜ் நகர் மாவட்டம், ஹனூர் தாலுக்காவில் உள்ள கிராமங்களில் வசித்து வந்த தமிழர்களான அந்தோணி சாமி, ஜான் ரோஸ் பீட்டர், குமார் ஆகியோர், 2026 ஆகஸ்ட் 15 அன்று அதிகாலையில், காவிரி வனவிலங்கு சரணாலயப் பகுதியில், கர்நாடக வனத் துறையினரால் சுட்டுக் கொல்லப்பட்டது வேதனை…
— TVK Vijay (@TVKVijayHQ) August 16, 2026
सीएम विजय ने जताया कड़ा विरोध, बताया 'अस्वीकार्य'
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांवों में रहने वाले तमिल नागरिक एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार, कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों की गोलीबारी का शिकार हो गए। सीएम विजय ने कर्नाटक वन विभाग द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को पूरी तरह से "अस्वीकार्य" बताया है और कर्नाटक सरकार से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने की मांग की है।
वन विभाग का दावा: आत्मरक्षा में की गई जवाबी गोलीबारी
दूसरी ओर, वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध शिकारी वन्यजीवों का अवैध शिकार करने के लिए जंगल में घुसे हैं। सूचना के आधार पर जब वनकर्मी मौके पर पहुंचे, तो कथित तौर पर शिकारियों ने उन पर गोलियां चला दीं। वन विभाग का दावा है कि इसके बाद जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ के दौरान तीनों संदिग्ध शिकारी मारे गए, जिनकी पहचान एंटनी स्वामी, पीटर और कुमार के रूप में की गई है।
कर्नाटक सरकार ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें सुबह लगभग 5 बजे वन विभाग और शिकार करने गए लोगों के बीच हुई मुठभेड़ की सूचना मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच (magisterial inquiry) के आदेश दे दिए हैं, जिससे जल्द ही सभी तथ्य और सच्चाई सामने आ जाएगी।
