PM मोदी 4 दिन के लिए उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा करेंगे, SCO सम्मेलन में होंगे शामिल
punjabkesari.in Friday, Aug 28, 2026 - 09:24 PM (IST)
नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अगस्त से एक सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 31 अगस्त से एक सितंबर तक आयोजित होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में मोदी सुरक्षा, संपर्क और अवसरों को लेकर भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे। वह शिखर सम्मेलन से इतर एससीओ के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
प्रधानमंत्री छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे, जो मध्य एशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि मोदी 29 से 30 अगस्त तक द्विपक्षीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान में रहेंगे और 31 अगस्त से एक सितंबर तक 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान में रहेंगे। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर मोदी ताशकंद की राजकीय यात्रा करेंगे। प्रधानमंत्री की यह उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।
बयान के अनुसार दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल संपर्क, ऊर्जा और शिक्षाके क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे और भविष्य के लिए आगे की दिशा तय करेंगे। इसके अनुसार मोदी और मिर्जियोयेव विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान-2030 के साझा विकास संबंधी दृष्टिकोणों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। प्रधानमंत्री के ताशकंद स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और 'ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज' के महात्मा गांधी केंद्र का दौरा करने की भी उम्मीद है।
ताशकंद से प्रधानमंत्री किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर झापारोव के निमंत्रण पर 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे। इस वर्ष एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी है। भारत वर्ष 2017 से संगठन का पूर्ण सदस्य है। बयान के अनुसार मोदी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जहां वह इस मंच पर सुरक्षा, संपर्क और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे। मोदी शिखर सम्मेलन से इतर एससीओ के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
