विश्व रेडियो दिवस पर PM मोदी ने गांवों से शहरों तक रेडियो को बताया विश्वसनीय आवाज
punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 04:57 PM (IST)
नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि रेडियो एक ऐसा माध्यम है जो दूरदराज के गांवों से लेकर शहरों तक, लोगों के लिए विश्वसनीय आवाज है तथा इसने समय पर जानकारी पहुंचाई है, प्रतिभा को निखारा है और रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर साल 13 फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व रेडियो दिवस इस माध्यम से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों को पहचान प्रदान करने का एक अवसर है।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''विश्व रेडियो दिवस एक ऐसे माध्यम का जश्न मनाने का अवसर है जो दूरदराज के गांवों से लेकर शहरों तक, लोगों के लिए विश्वसनीय आवाज है। वर्षों से, रेडियो समय पर जानकारी प्रदान करता रहा है, प्रतिभा को निखारता रहा है और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के माध्यम से उन्होंने स्वयं रेडियो की उस क्षमता का अनुभव किया है जिसके द्वारा देश के लोगों की सामाजिक शक्ति को उजागर किया जा सकता है।
World Radio Day is about celebrating a medium that is a trusted voice for people, be it in remote villages or bustling cities. For years, the radio has delivered timely information, amplified talent and encouraged creativity. This is a day to acknowledge the efforts of all those…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
उन्होंने कहा, ''इस महीने का यह कार्यक्रम रविवार, 22 फरवरी को प्रसारित होगा।'' मोदी द्वारा प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के कुछ ही महीनों बाद अक्टूबर, 2024 में 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम शुरू हुआ था। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के लिए शासन, सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार और प्रेरणादायक कहानियां नागरिकों के साथ साझा करने का एक सीधा मंच रहा है। इसका प्रसारण हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे होता है।

चाहे स्वच्छता हो, सामाजिक सेवा हो, जल संरक्षण हो, खेल हो या महिला सशक्तीकरण, नागरिक अपने विचार और सुझाव प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम के लिए उन्हें ऑनलाइन भेज सकते हैं। यूनेस्को ने 2011 में घोषणा की कि 1946 में संयुक्त राष्ट्र रेडियो की स्थापना की स्मृति में 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
