तहसीन पूनावाला का बड़ा दावा- E20 प्रोटेस्ट से पहले किया गया हाउस अरेस्ट, नितिन गडकरी पर साधा निशाना
punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 01:47 PM (IST)
Tehseen Poonawalla: E20 पेट्रोल पॉलिसी के खिलाफ उनके प्रोटेस्ट मार्च और भूख हड़ताल को लेकर राजनीतिक विश्लेषक, सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने दावा किया है कि उन्हें दिल्ली पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है। उन्होंने शनिवार को वीडियो शेयर किए हैं, जिसमें पुलिस उनके दरवाजे पर दिख रही है।
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An entire battalion of @DelhiPolice cops including women officers have put me under house arrest!!
Nitin Gadkari ji sir is scared of #Ethanol. #EthanolScam
BETA BADHAO YOJNA
SUGAR DADDY pic.twitter.com/THLToM1HyE
— Tehseen Poonawalla Official 🇮🇳 (@tehseenp) August 1, 2026
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ट्वीट कर पूनावाला ने लिखा-
अपने 'एक्स' खाते पर कई वीडियो साझा करते हुए पूनावाला ने दावा किया कि सुबह करीब 9.30 बजे, यानी मार्च के लिए निकलने से लगभग आधे घंटे पहले, दिल्ली पुलिस के कई जवान - जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं - उनके घर पहुंचे और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के लिए न तो कोई आदेश दिखाया और न ही कोई दस्तावेज दिया। पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि वे उन्हें जाने से इसलिए रोक रहे हैं, क्योंकि मार्च में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। एक वीडियो में पूनावाला को एक पुलिस अधिकारी से यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के कैसे हिरासत में लिया जा सकता है। उन्होंने अधिकारी से कहा, "कोई कागजात नहीं, कुछ भी नहीं। मैं घर में नजरबंद हूं...आजादी के 15 दिन पहले आप मुझे हिरासत में ले रहे।"
पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया कि प्रस्तावित मार्च से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी और उन्होंने पूनावाला से सहयोग करने को कहा। 'एक्स' पर एक पोस्ट में पूनावाला ने आरोप लगाया कि उनके फ्लैट के बाहर मौजूद पत्रकारों ने उन्हें बताया कि वे इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि घर के पास जैमर लगाए गए थे। कार्यकर्ता ने शुक्रवार को अकेले मार्च निकालने की घोषणा की, क्योंकि पुलिस ने कथित तौर पर 31 जुलाई को संसद तक उनके प्रस्तावित 'टीम भारत गाड़ी मार्च' की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि उनका इंस्टाग्राम खाता स्थगित कर दिया गया था और कुछ घंटों बाद उसे बहाल कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें मीडिया से बात करने से रोका और धमकी दी कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले नागरिकों को गिरफ्तार किया जा सकता है और उनकी गाड़ियां जब्त की जा सकती हैं।
पूनावाला ने प्रदर्शन की घोषणा करते हुए कहा था, "अकेले घूमना और शांति से अकेले बैठना किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। मैं उस जगह पर मौन व्रत और दिन भर का उपवास रखते हुए बैठूंगा, जहां बापू की हत्या हुई थी।" पूनावाला ई20 ईंधन नीति के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और इस मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि ग्राहकों को ई20 ईंधन का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करने के बजाय, ई5 और ई10 ईंधन मिश्रणों के साथ-साथ पारंपरिक पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी दिया जाए। सरकार के ई20 पेट्रोल (जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है) के इस्तेमाल को लागू करने पर कुछ विपक्षी नेताओं और उपभोक्ता समूहों ने आलोचना की है। पुरानी गाड़ियों के कई मालिकों का कहना है कि इससे गाड़ी की माइलेज कम हो जाता है और रखरखाव का खर्च बढ़ जाता है।
