Petrol Diesel Price Hike: प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा, सामान्य ग्राहकों को राहत
punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 03:35 PM (IST)
Petrol Diesel price hike: भारत की दिग्गज तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अपने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है। यह नई दरें आज शुक्रवार से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि कंपनी ने सामान्य पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम आदमी की जेब पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
प्रीमियम ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब मध्य-पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण दुनिया भर के तेल बाजारों में अस्थिरता का माहौल है।
आपूर्ति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं: HPCL
बाजार में तेल की कमी की अफवाहों के बीच HPCL ने साफ किया है कि देश में कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। कंपनी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि कच्चे तेल की अतिरिक्त खेप (कार्गो) पहले से ही रास्ते में है, जो आने वाले दिनों में भारत की ऊर्जा जरूरतों को और मजबूती देगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों को टैग करते हुए कंपनी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) March 19, 2026
अतिरिक्त कच्चे तेल के कार्गो पहले से रास्ते में हैं और आने वाले दिनों में आपूर्ति और मजबूत होगी।
देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।@HardeepSPuri @PetroleumMin @TheSureshGopi @Secretary_MoPNG @neerajmittalias… pic.twitter.com/RaM7t0aT9c
अंतरराष्ट्रीय बाजार: होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा के प्रयास तेज
ग्लोबल मार्केट की बात करें तो कच्चे तेल की कीमतों में आज कुछ नरमी देखी गई। खाड़ी देशों में ऊर्जा संयंत्रों पर ईरान के हमलों के बाद तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार चली गई थीं, लेकिन अब यह गिरकर $105 प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं।
कीमतों में इस गिरावट की मुख्य वजह प्रमुख यूरोपीय देशों और जापान का आगे आना है। इन देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तेल के टैंकरों को सुरक्षा प्रदान करने की पेशकश की है। साथ ही, अमेरिका ने भी वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए एक विशेष योजना तैयार की है, जिससे निवेशकों का डर कम हुआ है।
