बंगाल में ओवैसी की एंट्री से सियासी सरगर्मी तेज, ‘बी-टीम’ के आरोपों पर दिया करारा जवाब

punjabkesari.in Monday, Apr 13, 2026 - 03:47 PM (IST)

नेशनल डेस्क: बंगाल में विधान सभा चुनाव का पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल होगा। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर हमलावार हैं। इसी कड़ी में बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्तसाहित ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल में चुनाव में अपनी ताकत झोंक दी है। असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल दौरे की शुरुआत पश्चिम बर्धमान के रानीगंज स्थित एक पीर बाबा मजार पर चादर चढ़ाकर की। तीन दिवसीय इस दौरे के साथ ही राज्य की राजनीति में नई हलचल बढ़ा दी है। 

‘बी-टीम’ के आरोपों पर सख्त प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें उनकी पार्टी को कभी बीजेपी तो कभी टीएमसी की “बी-टीम” बताया जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी किसी के इशारे पर नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनकर काम करती है।

मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर दिया जोर
ओवैसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के अधिकार और प्रतिनिधित्व को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने समुदाय से अपने नेतृत्व को आगे लाने की अपील करते हुए कहा कि बिना मजबूत राजनीतिक आवाज के न्याय और हिस्सेदारी संभव नहीं है।

चुनावी रणनीति में सक्रिय भूमिका
उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी चुनावी मैदान में पूरी ताकत से उतर रही है और वे खुद भी प्रचार में सक्रिय रहेंगे। इस दौरान वे कई क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे और उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे।

महिला आरक्षण बिल पर संतुलित रुख
महिला आरक्षण विधेयक पर पूछे गए सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि उन्होंने अभी तक विधेयक का विस्तृत अध्ययन नहीं किया है, इसलिए इस पर फिलहाल टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। ओवैसी का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब राज्य में चुनावी माहौल गरम है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। उनके दौरे से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

इन सीटों पर है मुस्लि वोंट मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं
पश्चिम बंगाल में लगभग 100-112 विधानसभा सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं, जहां इनकी आबादी 20% से 30% या उससे अधिक है। 2026 के विधानसभा चुनाव में, 30% मुस्लिम वोटर राज्य की कुल 294 सीटों में से अधिकांश में महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं। मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे क्षेत्रों में मुस्लिम प्रभाव बहुत अधिक है। अगर इस सीटों पर ओवैसी की पार्टी मुस्लिम वोंट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करती है तो ममता के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है और बीजेपी की राह आसान हो सकती है।  हालांकि ये समय ही बताएगा कि ओवैसी की पार्टी बंगाल में कैसा प्रदर्शन करती है। 
 


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Ramkesh

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