LPG उपभोक्ताओं के लिए ज़रूरी खबर: आधार ऑथेंटिकेशन नहीं कराया, तो बंद हो सकती सब्सिडी, 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम
punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 09:27 AM (IST)
नई दिल्ली: हर महीने की तरह 1 अक्टूबर 2026 से भी बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और घरेलू बजट से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। कुछ बदलाव आपके खर्चों में मामूली बढ़ोतरी कर सकते हैं, तो कुछ नियमों से वित्तीय लेन-देन में अधिक पारदर्शिता आएगी। जहां कुछ बदलाव आपके फाइनेंस पर असर डाल सकते हैं, वहीं कुछ से राहत भी मिल सकती है। हमेशा की तरह, अपने पैसे और रोज़मर्रा के लेन-देन से जुड़े नियमों में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी रखना ज़रूरी है। आइए, इन बदलावों पर एक नज़र डालते हैं।
SBI ATM से पैसे निकालने की फ्री लिमिट घटी
अगर आपका SBI में सैलरी अकाउंट है और आप दूसरे बैंकों के ATM से कैश निकालते हैं, तो यह अपडेट आपके लिए ज़रूरी है। 1 अक्टूबर, 2026 से दूसरे बैंकों के ATM और ऑटोमेटेड डिपॉज़िट-कम-विड्रॉल मशीनों (ADWMs) पर मिलने वाले फ्री ट्रांज़ैक्शन की संख्या कम हो जाएगी। सभी SBI सैलरी पैकेज अकाउंट्स के लिए, दूसरे बैंकों के ATM पर फ्री ट्रांज़ैक्शन की लिमिट हर महीने 10 से घटकर 5 हो जाएगी। यह लिमिट फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल, दोनों तरह के ट्रांज़ैक्शन पर लागू होगी।
वहीं, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट (BSBD) अकाउंट्स में पहले की तरह हर महीने 4 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती रहेगी। इस लिमिट से ज़्यादा होने पर, हर ट्रांज़ैक्शन पर ₹15 प्लस GST का चार्ज लगेगा। हालाँकि, डिजिटल ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह ही फ्री और अनलिमिटेड रहेंगे।
UPI भुगतान: 2,000 रुपए से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर MDR
इस अक्टूबर में UPI यूज़र्स के लिए भी एक बड़ा बदलाव होने वाला है। 15 अक्टूबर, 2026 से, चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांज़ैक्शन-खासकर ₹2,000 से ज़्यादा वाले-पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। हालांकि, ₹2,000 तक के पेमेंट या ज़ीरो-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले छोटे व्यवसायों के ट्रांज़ैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। नतीजतन, लगभग 96% पीयर-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांज़ैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) सभी मर्चेंट के लिए एक जैसा नहीं होगा, यह मर्चेंट की इंडस्ट्री या कैटेगरी पर निर्भर करेगा। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से ज़्यादा के चुनिंदा UPI P2M ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लगाने के केंद्र सरकार के फ़ैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने सरकार, RBI, NPCI और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किए हैं।
NPS ऑनबोर्डिंग: 200 रुपए का एकमुश्त शुल्क
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने की योजना बना रहे नए निवेशकों के लिए 'पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस' (PoPs) के चार्ज में बदलाव किया गया है: PoP के जरिए नए NPS खाते (PRAN) के पंजीकरण पर अब 200 रुपए का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग शुल्क (One-time Onboarding Fee) देना होगा। पेंशन फंड नियामक (PFRDA) के अनुसार, यह राशि ग्राहक के खाते से एक बार में काटने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के तहत ली जाएगी।
बल्क FD: ब्याज दरों की घोषणा का समय तय
अक्टूबर से बल्क फिक्स्ड डिपॉज़िट (FDs) से जुड़े नियमों में भी बदलाव होने वाला है। RBI के नए नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे। इन नियमों के तहत, बैंकों को बल्क डिपॉज़िट पर मिलने वाली ब्याज दरों की जानकारी पहले से देनी होगी। इसके अलावा, बैंकों को हर दिन सुबह 10:00 बजे अपनी लागू बल्क डिपॉज़िट दरों की घोषणा करनी होगी। आम तौर पर, एक जैसी बल्क FD के लिए एक ही ब्याज दर देनी होगी। हालाँकि, जमा की गई राशि पर लागू लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) के आधार पर ब्याज दरों में अंतर की अनुमति हो सकती है।
LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन ज़रूरी
LPG उपभोक्ताओं को भी अक्टूबर शुरू होने से पहले एक ज़रूरी काम पूरा करना होगा। घरेलू LPG ग्राहक जिन्होंने अभी तक बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) पूरा नहीं किया है, उन्हें 1 अक्टूबर, 2026 से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आधार ऑथेंटिकेशन पूरा न करने पर सब्सिडी वाले रिफ़िल मिलने पर असर पड़ सकता है। ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद, ग्राहक रेगुलेटेड सेलिंग प्राइस (RSP) पर रिफ़िल बुक कर सकेंगे और लागू सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे। इसलिए, जिन LPG ग्राहकों का बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अभी बाकी है, उनके लिए अक्टूबर शुरू होने से पहले यह काम पूरा करना ज़रूरी है।
