अब कपड़ों में भी सुरक्षा! गिरते ही खुल जाएगी ‘एयरबैग जैकेट’… कैसे बचाएगी जान?
punjabkesari.in Monday, Mar 30, 2026 - 02:39 AM (IST)
नेशनल डेस्कः तकनीक अब सिर्फ स्मार्टफोन और गाड़ियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह हमारे कपड़ों तक पहुंच चुकी है। हाल ही में एक खास तरह की “एयरबैग जैकेट” चर्चा में है, जो गिरने की स्थिति में खुद एक्टिव होकर शरीर को चोट से बचाने का काम करती है। यह नई तकनीक खासतौर पर बुजुर्गों और उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, जिन्हें गिरने का ज्यादा खतरा रहता है।
कैसे काम करती है ये स्मार्ट जैकेट?
इस जैकेट में एक एडवांस्ड सुरक्षा सिस्टम लगाया गया है, जो किसी भी गिरावट को बेहद कम समय करीब 0.18 सेकंड में पहचान लेता है। जैकेट के अंदर एक स्मार्ट चिप लगी होती है, जो हर सेकंड हजारों बार शरीर की स्थिति और मूवमेंट को ट्रैक करती है। जैसे ही सिस्टम को लगता है कि व्यक्ति गिर सकता है या गिर चुका है, जैकेट तुरंत एयरबैग की तरह फुलकर एक सुरक्षा कवच बना लेती है। इससे गिरने के दौरान लगने वाली चोट का असर काफी हद तक कम हो जाता है।
चार्जिंग जरूरी, लेकिन आसान
इस पूरी तकनीक के सही तरीके से काम करने के लिए जैकेट का चार्ज रहना जरूरी है। इसे आसान बनाने के लिए इसमें वायरलेस चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे खासकर बुजुर्गों को इसे इस्तेमाल करने में ज्यादा परेशानी न हो।
किसने बनाई ये तकनीक?
इस खास तकनीक को Yidiabao Intelligent Technology Company Limited ने विकसित किया है। कंपनी ने इसी तरह की सुरक्षा तकनीक को बेल्ट जैसे अन्य प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल किया है।
बुजुर्गों के लिए क्यों है खास?
बढ़ती उम्र के साथ शरीर का संतुलन कमजोर हो जाता है, जिससे गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह एयरबैग जैकेट एक बड़ी राहत बन सकती है। चाहे घर के अंदर हों या बाहर, अगर अचानक फिसलन हो जाए या पैर लड़खड़ा जाए, तो यह जैकेट तुरंत एक्टिव होकर चोट को काफी हद तक कम कर देती है। यह तकनीक उन परिवारों के लिए भी सुकून देने वाली है, जिनके बुजुर्ग सदस्य अकेले रहते हैं या जिनकी हर समय देखभाल करना संभव नहीं होता।
आसान इस्तेमाल, लगातार निगरानी
यह स्मार्ट जैकेट बैटरी पर चलती है और एक बार चार्ज होने के बाद लंबे समय तक एक्टिव रह सकती है। यह लगातार यूजर की गतिविधियों पर नजर रखती है और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देती है। एयरबैग जैकेट जैसी तकनीक आने वाले समय में व्यक्तिगत सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है, खासकर बुजुर्गों और रिस्क वाले लोगों के लिए यह एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
