Insurance Alert: थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेने का सोच रहें हैं तो पहले ही संभाल जाएं, आपकी सिर्फ यह गलती...
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 11:19 AM (IST)
Third Party Insurance : भारत में किसी भी वाहन को चलाने के लिए 'थर्ड पार्टी इंश्योरेंस' (जिसे एक्ट-ओनली इंश्योरेंस भी कहते हैं) कराना केवल एक विकल्प नहीं बल्कि कानूनी मजबूरी है। यह बीमा आपको उस वक्त सुरक्षा देता है जब आपकी गलती से किसी दूसरे व्यक्ति का नुकसान हो जाता है। अक्सर लोग इसमें फर्स्ट, सेकंड और थर्ड पार्टी को लेकर उलझन में रहते हैं।
कौन है ये थर्ड पार्टी? (पॉलिसी का गणित)
-
फर्स्ट पार्टी: आप (वाहन का मालिक और पॉलिसी खरीदने वाला व्यक्ति)।
-
सेकंड पार्टी: बीमा कंपनी (जो आपकी सुरक्षा की गारंटी लेती है)।
-
थर्ड पार्टी: वह अनजान व्यक्ति जिसे आपकी गाड़ी से गलती से चोट लगी हो या जिसकी संपत्ति (गाड़ी, घर, दुकान) का नुकसान हुआ हो।
यह भी पढ़ें: दहेज में ट्रैक्टर और बारातियों को हेलमेट! किसान पिता ने पेश की मिसाल, बेटी की विदाई पर दिया सुरक्षा कवच
क्यों है यह आपके लिए वरदान?
-
कानूनी सुरक्षा: मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना इसके गाड़ी चलाना अपराध है। पकड़े जाने पर आपको भारी चालान या सजा हो सकती है।
-
पैसों की बचत: अगर आपकी गाड़ी से किसी का एक्सीडेंट हो जाता है और पीड़ित व्यक्ति कोर्ट चला जाता है तो मुआवजे के रूप में लाखों-करोड़ों रुपये देने पड़ सकते हैं। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होने पर यह सारा पैसा बीमा कंपनी देती है।
-
सस्ता प्रीमियम: यह बीमा सबसे किफायती होता है। बहुत कम पैसों में आप एक बहुत बड़े जोखिम को कवर कर लेते हैं।
यह भी पढ़ें: सावधान! बिना काम किए भी दुख रहा है बदन? तो इन लक्षणों को न करें इग्नोर, जानें पीछे का कारण?
सावधान! इन 3 स्थितियों में नहीं मिलेगा फूटी कौड़ी का क्लेम
अरहम सिक्योर के ब्रांच मैनेजर सुशील कुमार के अनुसार भले ही आपके पास वैलिड पॉलिसी हो लेकिन इन गलतियों पर कंपनी क्लेम देने से साफ मना कर सकती है:
-
नशे में ड्राइविंग: अगर चालक शराब या किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में गाड़ी चला रहा था।
-
अवैध ड्राइविंग: यदि गाड़ी चलाने वाला नाबालिग (कम उम्र का बच्चा) है।
-
बिना लाइसेंस: अगर चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Valid DL) नहीं है।

