पुरुषों के लिए खतरे की घंटी! नॉन-स्टिक पैन और फूड पैकेट बना रहे हैं समय से पहले बूढ़ा, 50 की उम्र में ही दिखने लगेंगे 70 के

punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 10:25 AM (IST)

Forever Chemicals and Early Aging : क्या आप जानते हैं कि आपके घर में इस्तेमाल होने वाले नॉन-स्टिक बर्तन और फूड पैकेजिंग आपको उम्र से पहले बुजुर्ग बना सकते हैं? वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 'फॉरएवर केमिकल्स' (Forever Chemicals) के नाम से मशहूर कुछ जहरीले रसायन हमारे खून में घुलकर डीएनए (DNA) को स्थायी नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह शोध विशेष रूप से 50 वर्ष की उम्र के आसपास के पुरुषों के लिए खतरे की घंटी है।

क्या हैं 'फॉरएवर केमिकल्स' (PFAS)?

इन्हें 'फॉरएवर केमिकल्स' इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये न तो पर्यावरण में नष्ट होते हैं और न ही हमारे शरीर से पूरी तरह बाहर निकलते हैं। ये रसायनों का एक ऐसा समूह है जो नॉन-स्टिक बर्तनों की कोटिंग में इस्तेमाल होता है। वाटरप्रूफ कपड़ों और जूतों में पाया जाता है। फास्ट फूड की पैकेजिंग और डिब्बाबंद खानों में मौजूद होता है।

DNA पर सीधा हमला

रिसर्च के मुताबिक ये केमिकल शरीर में प्रवेश कर कोशिकाओं (Cells) की मरम्मत करने वाली नेचुरल मशीनरी को धीमा कर देते हैं। जब हमारा डीएनए डैमेज होता है और कोशिकाएं खुद को रिपेयर नहीं कर पातीं तो व्यक्ति अपनी वास्तविक उम्र से कहीं ज्यादा बूढ़ा दिखने और महसूस करने लगता है।

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पुरुषों पर डबल अटैक क्यों?

शंघाई जियाओ तोंग यूनिवर्सिटी के शोध में पाया गया कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों पर इन रसायनों का असर अधिक घातक है। पुरुषों की शारीरिक संरचना और मेटाबॉलिज्म इन रसायनों को जल्दी अवशोषित करते हैं। 50 की उम्र के बाद पुरुषों में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण ये केमिकल याददाश्त की कमी और दिल की बीमारियों का जोखिम समय से पहले बढ़ा देते हैं।

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कैसे बचें इस Slow Poison से?

विशेषज्ञों का कहना है कि इनसे पूरी तरह बचना नामुमकिन है लेकिन अपनी आदतों में छोटे बदलाव करके जोखिम कम किया जा सकता है:

  1. बर्तनों का बदलाव: नॉन-स्टिक पैन की जगह लोहे या स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का प्रयोग करें।

  2. प्लास्टिक को कहें ना: खाने-पीने की चीजों के लिए प्लास्टिक कंटेनर या डिब्बाबंद (Canned) फूड का इस्तेमाल कम करें।

  3. ताजा भोजन: जितना हो सके ताजा और घर का बना खाना खाएं ताकि फूड पैकेजिंग के संपर्क में कम आएं।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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