अविश्‍वास प्रस्‍ताव से पहले मोदी सरकार की 'बड़ी जीत'!

Thursday, Jul 19, 2018 - 02:55 PM (IST)

नई दिल्ली: मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान शुक्रवार को होने वाला है। लेकिन इस मतदान से पहले मोदी सरकार की बड़ी जीत होती दिखाई दे रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिव सेना सरकार के समर्थन में वोट करने का मन बना रही है. दरअसल शिव सेना के अधिकांश सांसद ऐसा चाहते हैं और अब बताया जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे सांसदों की राय के साथ ही जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के सांसदों का कहना है कि चूंकि अविश्वास प्रस्ताव टीडीपी द्वारा लाया जा रहा है, इसलिए पार्टी को उस प्रस्ताव पर बहुत अधिक महत्व नहीं देना चाहिए। सूत्रों ने कहा, 'सांसदों का मानना है कि टीडीपी के प्रस्ताव को महत्व नहीं देना चाहिए। इस बारे में शिवसेना सांसदों ने उद्धव ठाकरे से सम्पर्क भी साधा है। 



लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मंजूर
अापको बतां दे कि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ दिए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को मंजूर कर लिया है। मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुक्रवार को होगी तथा उसी दिन इस पर मतदान भी होगा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भोजनावकाश के बाद सदन को सूचित किया कि तेलुगुदेशं पार्टी के सदस्य के. श्रीनिवास के अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार 20 जुलाई को चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि उस दिन प्रश्नकाल नहीं होगा और न ही सदस्यों के निजी विधेयकों पर चर्चा होगी। उसी दिन चर्चा के बाद प्रस्ताव पर मतदान भी होगा। 



क्या होता अविश्वास प्रस्ताव और कौन लाता है
अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की तरफ से रखा जाता है। यह केवल लोकसभा में ही रखा जा सकता है, राज्यसभा में नहीं। जब विपक्षी दलों या किसी एक पार्टी की तरफ से तब रखा जाता है जब सरकार के पास सदन में बहुमत न हो या फिर विपक्षी दलों का सरकार पर से विश्वास उठ जाए। अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित नियम 198 के तहत व्यवस्था है कि कोई भी सदस्य लोकसभा अध्यक्ष को सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है।


 

Anil dev

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