9 पसलियां टूटीं, फेफड़े हुए जख्मी... फिर भी नहीं टूटा डॉक्टर बनने का सपना, जानिए कैसे दी NEET परीक्षा
punjabkesari.in Sunday, Jun 21, 2026 - 08:27 PM (IST)
नेशनल डेस्क : NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लाखों छात्रों को प्रेरित किया है। यह कहानी कोलकाता की छात्रा सृष्टि दुबे की है, जिन्होंने गंभीर सड़क दुर्घटना और बड़ी सर्जरी के बावजूद डॉक्टर बनने के अपने सपने को जीवित रखा और विशेष व्यवस्थाओं के बीच NEET परीक्षा में शामिल हुईं।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई थीं सृष्टि
14 जून को सृष्टि दुबे एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। हादसे में उनकी नौ पसलियां टूट गई थीं और फेफड़ों में गंभीर चोटें आई थीं। उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें बड़े वैस्कुलर ऑपरेशन से गुजरना पड़ा। इलाज के दौरान कुछ समय तक उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया। डॉक्टरों की लगातार निगरानी में इलाज चल रहा था, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी सृष्टि ने NEET परीक्षा देने का संकल्प नहीं छोड़ा।
Nine broken ribs. Surgery. Recovery on oxygen support. And still, the resolve to appear for NEET (UG) 2026.
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 21, 2026
Sristi Dubey's parents reached out to Union Education Minister Shri @dpradhanbjp . NTA arranged a separate room, medical support, and an ambulance on standby at her centre.…
बेटी के सपने को पूरा करने के लिए पिता ने मांगी मदद
सृष्टि की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनके पिता श्रीराम शिवजी दुबे ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से विशेष व्यवस्था की मांग की। उन्होंने अपने अनुरोध में बताया कि उनकी बेटी हर हाल में NEET परीक्षा देना चाहती है और इसके लिए परीक्षा केंद्र पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पेशे से शिक्षक श्रीराम दुबे ने अधिकारियों को यह भी बताया कि अस्पताल प्रशासन डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ आवश्यक चिकित्सा सहायता देने के लिए तैयार है। मामले की जानकारी मिलने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं परिवार से संपर्क कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
NTA ने किए विशेष इंतजाम
सृष्टि की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए NTA ने परीक्षा केंद्र पर विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। उनके लिए अलग परीक्षा कक्ष बनाया गया, मेडिकल टीम और डॉक्टरों की तैनाती की गई तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस को स्टैंडबाय रखा गया। इसके अलावा उन्हें ग्राउंड फ्लोर पर परीक्षा देने की सुविधा दी गई, ताकि आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कोलकाता के केंद्र में दी NEET-UG परीक्षा
सृष्टि ने कोलकाता के धाकुरिया स्थित बिनोदिनी गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में NEET-UG 2026 री-एग्जाम दिया। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध कराई गई थीं। इन्हीं विशेष व्यवस्थाओं के चलते वह परीक्षा में शामिल हो सकीं।
परीक्षा शुरू होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सृष्टि के पिता को फोन कर उनकी बेटी की स्थिति और परीक्षा से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान सृष्टि के पिता ने मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग की वजह से ही उनकी बेटी परीक्षा दे सकी।
मां बोलीं- उम्मीद नहीं थी कि बेटी परीक्षा दे पाएगी
सृष्टि की मां ने भी शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बेटी परीक्षा में बैठ पाएगी। डॉक्टरों की सलाह पर विशेष अनुमति के लिए आवेदन किया गया था, जिससे सृष्टि अस्पताल के कपड़ों और जरूरी मेडिकल उपकरणों के साथ परीक्षा में शामिल हो सकीं।
धर्मेंद्र प्रधान ने सृष्टि को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सृष्टि डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता और देश का नाम रोशन करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोलकाता दौरे के दौरान वह सृष्टि से मिलने का प्रयास करेंगे।
